Oman Crude Price: ओमान क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर पहुंची $93.22, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण बढ़े दाम

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ओमान क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को ओमान क्रूड का आधिकारिक भाव बढ़कर $93.22 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के $90.16 के मुकाबले $3.06 अधिक है। इस ताजा बढ़ोतरी से आम आदमी और गल्फ देशों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट और रोजमर्रा की चीजों पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी
पिछले दो ट्रेडिंग सत्रों में ही ओमान क्रूड की कीमत में $5.46 की भारी तेजी दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट में मिडिल ईस्ट की राजनीतिक स्थिति को लेकर काफी तनाव बना हुआ है, जिसका असर तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। इससे पहले अगस्त डिलीवरी के लिए ओमान क्रूड का औसत भाव $79.09 प्रति बैरल चल रहा था। ओमान की आधिकारिक वेबसाइट Ministry of Foreign Affairs के अनुसार जारी बयानों से भी इस बात की पुष्टि होती है कि क्षेत्रीय हालात तेल बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
बुधवार तक ग्लोबल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार चार सत्रों से ऊपर जा रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल बढ़कर $91.62 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो पिछले लगभग तीन हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके अलावा वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड भी लगभग $85.48 प्रति बैरल के भाव पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें एक दिन में करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों की राय और जियोपॉलिटिकल हालात
जेफरीज के मार्केट एनालिस्ट मोहित कुमार ने आने वाले समय में तेल की कीमतों में और अधिक उछाल आने की आशंका जताई है। वहीं नागा डॉट कॉम के फ्रैंक वाल्बाउम का कहना है कि रुकी हुई कूटनीतिक बातचीत और समुद्री रास्तों पर पाबंदियों के चलते कीमतों में गिरावट की गुंजाइश बहुत कम बची है।
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच दो महीने पुराने समझौते के खत्म होने के बाद शुरू हुआ है। 17 अगस्त 2026 को खत्म हुए इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच कोई शांति डील तय नहीं हो पाई। इस गतिरोध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त को यह साफ कर दिया कि तेहरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है। साथ ही उन्होंने ओमान को चेतावनी दी कि अगर वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच की बातचीत में दखल देगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने और हमलों का असर
दूसरी ओर, ईरान के संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने ऐलान किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका अपने पुराने समझौतों की शर्तों को पूरा नहीं करता। इस वजह से समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। संघर्ष से पहले जहां रोज औसतन 130 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, वहीं 16 अगस्त को केवल तीन जहाज ही इस स्ट्रेट को पार कर सके।
स्थिति तब और ज्यादा बिगड़ गई जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमले की खबर आई। इसके अलावा 19 अगस्त को ओमान के पास एक जहाज के इंजन रूम में आग लगने और एक क्रू मेंबर के हताहत होने की घटना भी सामने आई है। इन क्षेत्रीय तनावों और हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। साथ ही UAE ने यह भी बताया कि ईरान की तरफ से उसके इलाके की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के तेल ढांचे और नेवल ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है।
इन तमाम घटनाओं के कारण गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच सुरक्षा और आर्थिक हालात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारत और अन्य देशों से गल्फ आने-जाने वाले लोगों के लिए भी इस तरह का तनाव चिंता का विषय बनता जा रहा है, क्योंकि इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है।