Oman में बड़ा पर्यावरण संकट, अल् किब्लिया द्वीप के पास तेल टैंकर पलटने से मुख्य तटों तक पहुँचा क्रूड ऑयल.

Aanya13 August 20262 min read67 viewsOman
Oman में बड़ा पर्यावरण संकट, अल् किब्लिया द्वीप के पास तेल टैंकर पलटने से मुख्य तटों तक पहुँचा क्रूड ऑयल.

ओमान में एक बड़ा पर्यावरणीय संकट खड़ा हो गया है जब अल् किब्लिया द्वीप के पास फंसा ईंधन टैंकर Caroline Bezengi का तेल बहकर मुख्य भूमि के समुद्र तटों तक पहुँच गया है। इस घटना के बाद ओमान सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और स्थिति से निपटने के लिए नेशनल कमेटी फॉर इमरजेंसी मैनेजमेंट यानी NCEM की आपातकालीन समिति को आंशिक रूप से सक्रिय कर दिया गया है। यह 274 मीटर लंबा सुएज़मैक्स पोत पिछले 30 जून को दुर्घटनाग्रस्त हुआ था जिसमें लगभग 130,000 टन कच्चा तेल भरा हुआ था। 12 अगस्त को यह तेल रिसाव ओमान की मुख्य भूमि तक पहुँच गया जिससे प्रशासन की चिंताएँ और अधिक बढ़ गई हैं.

आपातकालीन समिति की उच्च स्तरीय बैठक और सरकारी कदम

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 13 अगस्त को NCEM के उपाध्यक्ष मेजर जनरल अब्दुल्ला अली अल हारथी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सैन्य, सुरक्षा और पर्यावरण एजेंसियों के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर आपसी तालमेल पर चर्चा की गई। ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार रास मद्राका क्षेत्र के समुद्र तट इस तेल प्रदूषण से प्रभावित हो चुके हैं। इसके साथ ही यह आशंका भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह तेल फैलकर मासिराह द्वीप तक भी पहुँच सकता है। सरकार की विशेष टीमें समुद्र के संवेदनशील इलाकों और समुद्री जीवों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही हैं.

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प्रशासन की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय चिंता

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण प्राधिकरण ने आम नागरिकों और विशेष रूप से मछुआरों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों के आसपास बिल्कुल न जाएँ। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन इस पूरे मामले पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक तेल का यह काला घेरा अब तक 2,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल चुका है जिससे समुद्री जीवों और संरक्षित समुद्री रिजर्वों को भारी खतरा पैदा हो गया है। इस दुर्घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह जहाज कथित तौर पर एक ऐसे छाया बेड़े का हिस्सा बताया जा रहा है जिसके पास मानक बीमा या सफाई मुआवजा फंड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं.

बचाव कार्यों में आ रही प्राकृतिक बाधाएँ

इस संकट के बीच मौसम की स्थिति भी राहत कार्यों में बड़ी रुकावट बन रही है। इस समय चल रहे मौसमी मानसून के कारण समुद्र में salvage और containment यानी तेल को रोकने और हटाने के अभियान प्रभावित हो रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी सैटेलाइट तस्वीरों और न्यूमेरिकल मॉडलिंग की मदद से लगातार तेल के फैलाव पर नजर रख रहे हैं ताकि तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को होने वाले लंबे समय के नुकसान को कम किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं.

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