ओमान में बड़ा एक्शन, फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी ने इस ऑडिट फर्म पर लगाया 6 महीने का बैन.

Praggya Singh sabal19 August 20262 min read65 viewsOman
ओमान में बड़ा एक्शन, फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी ने इस ऑडिट फर्म पर लगाया 6 महीने का बैन.

ओमान के वित्तीय बाजार में नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर सरकार का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में ओमान की वित्तीय सेवा नियामक संस्था यानी Financial Services Authority (FSA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आइडिया वैल्यू ऑडिटिंग एंड फाइनेंशियल कंसल्टेंसी फर्म को अगले 6 महीने के लिए अकाउंटिंग और ऑडिटिंग का काम करने से रोक दिया है। यह नया प्रतिबंध ओमान में आगामी 19 अगस्त 2026 से पूरी तरह प्रभावी होगा। इस फैसले के बाद से कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है और सभी कंपनियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।

कमेटी की जांच में सामने आई गंभीर खामियां

यह पूरी कार्रवाई एफएसए की प्रोफेशनल कंडक्ट कमेटी द्वारा की गई है। कमेटी ने जब इस फर्म के कामकाज की गहराई से जांच की, तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि इस फर्म ने अकाउंटिंग और ऑडिटिंग प्रोफेशन को नियंत्रित करने वाले नियमों की धज्जियां उड़ाई थीं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय ऑडिटिंग के नियमों और मानकों का भी खुला उल्लंघन किया गया था। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक ऐसी लापरवाही से देश के वित्तीय बाजार की साख पर असर पड़ता है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

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बिना अनुमति के काम और कागजी कार्रवाई में बड़ी लापरवाही

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इस ऑडिट फर्म ने कई ऐसे गंभीर अपराध किए हैं जो वित्तीय पारदर्शिता के खिलाफ हैं। फर्म ने एक ऐसे व्यक्ति को अपने यहाँ काम करने की अनुमति दी थी जिसके पास कोई औपचारिक नियुक्ति या अनुमति नहीं थी। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों को सही तरीके से तैयार करने और उनका ऑडिट करने में भी भारी कोताही बरती गई। क्लाइंट के साथ काम करने की शर्तों और ऑडिट प्रक्रियाओं से जुड़े जरूरी कागजात भी फर्म के पास नहीं मिले।

जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि ऑडिट की योजना बनाते समय फर्म ने जरूरी पैमानों को तय करने की जहमत नहीं उठाई। भौतिक रूप से मौजूद सामान और स्टॉक का सत्यापन नहीं किया गया और जो लोग कंपनी से जुड़े होते हैं उनके लेन-देन की भी ठीक से जांच नहीं हुई। इतना ही नहीं, नियमों के मुताबिक ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने के बाद अपनी राय पेश करने में भी लापरवाही बरती गई और वित्तीय रिपोर्टों में पिछले सालों की तुलना को शामिल नहीं किया गया था।

नियामक संस्था की कड़ी चेतावनी

Financial Services Authority का साफ कहना है कि इन तमाम कमियों की वजह से ऑडिट के सबूत अधूरे रह गए और कंपनी की रिपोर्टों पर से लोगों का भरोसा उठने लगा। नियामक संस्था ने इस बात पर जोर दिया है कि देश के वित्तीय और गैर-बैंकिंग सेक्टर में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए सभी फर्मों को नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Financial Services Authority की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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