Oman Weather Update: ओमान में बढ़ेगी भीषण गर्मी, 2050 तक हीटवेव और लू का खतरा

ओमान में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए आने वाले समय में मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क (UNFCCC) को सौंपी गई तीसरी नेशनली डिटरमाइंड कॉन्ट्रिब्यूशन (NDC) रिपोर्ट में ओमान सरकार ने चेतावनी दी है कि आने वाले वर्षों में भीषण गर्मी और लू की मार और भी तेज होगी। ओमान के विभिन्न हिस्सों में अब तापमान का पारा लगातार ऊँचा बना हुआ है, जो भविष्य में एक गंभीर स्वास्थ्य और आर्थिक संकट की ओर इशारा कर रहा है।
बढ़ती गर्मी और लू का सीधा असर
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के कई इलाके जैसे इबरी, बिदिया, समाइल, महधा, फहुद, अल बरैमी, मस्कट, निजवा और हैमा में तापमान अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। यदि कार्बन उत्सर्जन का स्तर इसी तरह बना रहा, तो 2050 तक लू चलने वाले दिनों की संख्या में 20 से 40 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि हो सकती है। यह ओमान की कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर गहरा असर डालेगा, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ेगी और ग्रिड पर दबाव बढ़ जाएगा।
स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
गर्मी का यह बढ़ता हुआ प्रभाव सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की जेब और सेहत को भी नुकसान पहुँचा रहा है। जून 2018 में कुरियात (Quriyat) में 42.6 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था, जो इस बात का सबूत है कि गर्मी अब रात के समय भी कम नहीं हो रही है। ओमान जैसे देश में, जो भूजल पर निर्भर है और पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहा है, यह जलवायु परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती है।
भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय आउटडोर श्रम और निर्माण कार्यों में लगे हुए हैं। अत्यधिक तापमान के चलते काम की उत्पादकता कम हो सकती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। बिजली की अधिक खपत के कारण आने वाले समय में ऊर्जा प्रणालियों पर भी बड़ा बोझ पड़ना तय है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ सकता है। सरकारी एजेंसियां लगातार इन बदलते हालातों पर नजर रख रही हैं ताकि बुनियादी सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।