Oman: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ओमान से समझौता अंतिम दौर में, ईरान ने अमेरिका से बातचीत पर रखी बड़ी शर्त

Praggya Singh sabal12 August 20263 min read76 viewsOman
Oman: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ओमान से समझौता अंतिम दौर में, ईरान ने अमेरिका से बातचीत पर रखी बड़ी शर्त

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना से साफ इनकार कर दिया है और अपनी कड़ी शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वाशिंगटन समझौता ज्ञापन के कथित उल्लंघन को समाप्त नहीं करता और उसके लिए मुआवजा नहीं देता, तब तक तेहरान बातचीत की मेज पर लौटने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच, खाड़ी देश ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिससे क्षेत्र में आवाजाही को लेकर हलचल तेज हो गई है।

अमेरिका के साथ सीधी वार्ता फिलहाल बंद, मध्यस्थों के जरिए जारी है संपर्क

तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से बताया कि रविवार को तेहरान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अब्बास अरागची ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की सीधी वार्ता नहीं चल रही है। हालांकि, कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से मध्यस्थों के जरिए दोनों देशों के बीच संदेशों का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है। मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत को दोबारा शुरू करने के लिए नए और संभावित रास्ते तलाशने में जुटे हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके।

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ईरानी विदेश मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि अमेरिका के साथ वार्ता को बहाल करने के लिए समझौते के कथित उल्लंघन को पूरी तरह खत्म करना होगा और उसकी भरपाई करना अनिवार्य है। मौजूदा क्षेत्रीय और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रत्यक्ष बातचीत के फिर से शुरू होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी पहले इस बात की पुष्टि की थी कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस समय कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है।

ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य पर नए समुद्री मार्गों की तैयारी

एक तरफ जहां अमेरिका के साथ तनातनी जारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही को लेकर अहम समझौते पर काम चल रहा है। अब्बास अरागची ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग तय करने की बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इन नए मार्गों पर तेजी से काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पुराने मार्गों के स्थान पर इन नए समुद्री रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा।

हालांकि, ईरानी पक्ष ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नए समुद्री मार्ग पर समझौता होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को आम यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह से खोलने का फैसला कई तरह की कड़ी शर्तों पर निर्भर करेगा। प्रवक्ता इस्माइल बकाई के अनुसार, ओमान के साथ चल रही इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य केवल होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक अस्थायी व्यवस्था तैयार करना है। यह पूरा मामला मुख्य रूप से ईरान और ओमान से जुड़ा हुआ है क्योंकि ये दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख्य तटीय देश हैं।

आईआरजीसी का रुख और क्षेत्रीय तनाव का असर

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी के प्रवक्ता जनरल हुसैन मोहेब्बी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का मुद्दा ईरान और ओमान के बीच चल रही द्विपक्षीय बातचीत से पूरी तरह से अलग है। रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने का अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका आने वाले समय में ईरान की सभी शर्तों को स्वीकार करता है या नहीं।

गौरतलब है कि बीते दिनों अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही इस पूरे रणनीतिक क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। इसके बाद से लगातार दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और कूटनीतिक वार्ताओं का दौर जारी है। ईरान के इस ताजा रुख से साफ पता चलता है कि तेहरान फिलहाल अमेरिका के साथ सीधी टेबल टॉक के बजाय केवल मध्यस्थों के माध्यम से ही संपर्क बनाए रखने पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा है, जिसका असर खाड़ी देशों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा पर भी पड़ रहा है।

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