ओमान में भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, ओणम त्योहार पर मिला लंबा वीकेंड.

Nura Basta25 August 20262 min read88 viewsOman
ओमान में भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, ओणम त्योहार पर मिला लंबा वीकेंड.

ओमान में रहने वाले केरल मूल के हजारों प्रवासी इस साल अपने सबसे बड़े त्योहार थिरुओणम को बेहद खास तरीके से मनाने की तैयारी कर रहे हैं। ओमान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग, सांस्कृतिक संगठन, भारतीय सामाजिक क्लब और तमाम व्यावसायिक संस्थान इस पावन पर्व को मनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बार प्रवासियों की खुशी दोगुनी हो गई है क्योंकि ओणम के जश्न के ठीक बाद ओमान सरकार ने एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी है, जिससे लोगों को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने का भरपूर समय मिल जाएगा।

ओमान में सार्वजनिक अवकाश और लंबा वीकेंड

ओमान में बुधवार, 26 अगस्त को थिरुओणम मनाया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन यानी गुरुवार, 27 अगस्त को पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के मौके पर ओमान सरकार ने पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह आधिकारिक छुट्टी सरकारी और निजी दोनों सेक्टरों के संस्थानों पर लागू होगी। इसके बाद शुक्रवार और शनिवार का नियमित साप्ताहिक अवकाश भी है, जिससे प्रवासी परिवारों को लगातार तीन से चार दिनों का एक लंबा ब्रेक मिल गया है। इस लंबे वीकेंड की वजह से लोग बिना किसी जल्दबाजी के ओणम का पर्व मना पा रहे हैं।

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बाजारों में रौनक और पारंपरिक भोजन की मांग

मस्कट और ओमान के दूसरे शहरों में सुपरमार्केट और दुकानों पर इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। केरल से जुड़े विशेष त्योहारी सामान, ताजी सब्जियां, केले के पत्ते और पारंपरिक ओणम साध्या बनाने के लिए जरूरी सभी सामग्रियों की बिक्री में अचानक से काफी तेजी आई है। इसके अलावा ओमान के रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों के पास पारंपरिक ओणम साध्या के लिए एडवांस बुकिंग और टेकअवे ऑर्डर की लाइन लगी हुई है। कई रेस्तरां ने 26 अगस्त से ही अपने यहां विशेष ओणम मेनू की शुरुआत कर दी है, ताकि लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ इसका आनंद उठा सकें।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक आयोजन

प्रवासी परिवारों ने अपने घरों और कम्युनिटी हॉल में फूलों की खूबसूरत रंगोली यानी पूक्कलम सजाने का काम शुरू कर दिया है। लोग पारंपरिक पारंपरिक परिधान पहनकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक भोज का आयोजन कर रहे हैं। दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपनी शिफ्ट के हिसाब से अलग-अलग तारीखों में जश्न मनाने का शेड्यूल तय किया है। श्रम मंत्रालय के नियमों के अनुसार जिन संस्थानों में जरूरी कामकाज के चलते कर्मचारियों को छुट्टी के दिन भी काम करना पड़ा, उन्हें इसके बदले नियमानुसार मुआवजा दिया गया है। छुट्टी और वीकेंड के इस बेहतरीन मेल की वजह से इस साल सामुदायिक आयोजनों और पारिवारिक बैठकों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

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