Oman और Iran के बीच हॉर्मूज जलडमरूमध्य को लेकर हुई अहम बातचीत, समुद्री सुरक्षा पर दी गई जोर

ओमान और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच 21 अगस्त 2026 को एक टेलीफोन पर लंबी बातचीत हुई, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वहां जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए सही हालात बनाने पर चर्चा की गई। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीति के रास्ते पर चलने की बात कही।
ओमान के विदेश मंत्री का बयान
ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि उनका देश हमेशा से समुद्री सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने किसी भी तरह के तनाव या टकराव को पूरी तरह से खारिज कर दिया और बताया कि स्थायी शांति केवल संयम रखने और लगातार बातचीत करने से ही हासिल की जा सकती है। इस संबंध में अधिक जानकारी ओमान के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट Oman Foreign Ministry पर भी साझा की गई है।
क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका का रुख
यह पूरी बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ हुआ है। इससे पहले 20 अगस्त 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ एक बड़े आर्थिक अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत के भविष्य पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। इससे एक दिन पहले यानी 19 अगस्त 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया था और यह स्पष्ट किया था कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह जारी रहेगी।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Baqer Qalibaf ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक अमेरिका तेल निर्यात पर लगे सभी प्रतिबंधों को नहीं हटाता, जमी हुई संपत्तियों को वापस नहीं करता और अपनी सैन्य धमकियों को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक हॉर्मूज जलडमरूमध्य को बंद ही रखा जाएगा।
पूरे महीने चलती रही कूटनीतिक कोशिशें
अगस्त के पूरे महीने के दौरान दोनों तटीय देशों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 18 अगस्त 2026 को जानकारी दी थी कि जहाजों के आने-जाने के लिए एक रूट मैप को लेकर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। हालांकि, 17 अगस्त 2026 को उन्होंने बातचीत में कुछ बाहरी और 악त तत्वों द्वारा दखलंदाजी का जिक्र किया था और यह भी बताया था कि अमेरिका के साथ हुआ शांति समझौते का 60 दिन का समय पूरा होने के बाद ईरान ने अपनी सैन्य स्थिति को पूरी तरह आक्रामक बना लिया है। याद दिला दें कि इससे पहले 25 फरवरी 2026 को जिनेवा में ओमान के विदेश मंत्री और ईरान के तत्कालीन विदेश मंत्री Abbas Araghchi की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से ही दोनों देश समुद्री नौवहन और उससे जुड़े खर्चों को मैनेज करने के लिए लगातार एक साझा ढांचा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।