Oman के साथ समझौता अंतिम दौर में, अमेरिका के साथ बातचीत पर Iran ने रखी बड़ी शर्त

Sushma Kumari9 August 20262 min read61 viewsOman
Oman के साथ समझौता अंतिम दौर में, अमेरिका के साथ बातचीत पर Iran ने रखी बड़ी शर्त

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां ओमान (Oman) के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौता अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी पुरानी हरकतों और समझौते के उल्लंघन को लेकर मुआवजा नहीं देता, तब तक तेहरान सीधी बातचीत की मेज पर नहीं बैठेगा। इस पूरी स्थिति का असर खाड़ी देशों में आने-जाने वाले लोगों और वहां रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है जो क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

ओमान के साथ नए समुद्री मार्गों पर चल रही है बात

ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग तय करने पर बातचीत अंतिम चरण में चल रही है। इस मामले में दोनों देशों के विशेषज्ञ लगातार नए मार्गों पर काम कर रहे हैं और पुराने रास्तों के स्थान पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि नए समुद्री मार्ग पर सहमति बनने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलने का फैसला कई अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (Esmaeil Baghaei) ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ओमान के साथ चल रही इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य केवल सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक अस्थायी व्यवस्था तैयार करना है क्योंकि ईरान और ओमान दोनों ही इस रणनीतिक जलमार्ग के तटीय देश हैं।

अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से ईरान का इनकार

तेहरान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या सीधी वार्ता नहीं हो रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है और मध्यस्थ बातचीत को दोबारा शुरू करने के संभावित रास्ते तलाशने में जुटे हैं। लेकिन ईरान का रुख बहुत स्पष्ट है कि जब तक वाशिंगटन समझौता ज्ञापन के कथित उल्लंघन को समाप्त नहीं करता और उसकी भरपाई नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत शुरू होने की कोई संभावना नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता जनरल हुसैन मोहेब्बी (General Hossein Mohebbi) ने भी यह साफ कर दिया है कि रणनीतिक जलमार्ग को फिर पूरी तरह से खोलने का मुद्दा पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका ईरान की शर्तों को स्वीकार करता है या नहीं। हाल ही में अमेरिका और इसराइल की तरफ से ईरान पर हुए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था जिसके बाद से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत और संघर्ष का दौर लगातार जारी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment