Oman और Iran के बीच Hormuz जलडमरूमध्य को लेकर हुआ बड़ा समझौता, रेवेन्यू शेयरिंग और नेविगेशन पर बनी सहमति.

Aanya26 August 20262 min read52 viewsOman
Oman और Iran के बीच Hormuz जलडमरूमध्य को लेकर हुआ बड़ा समझौता, रेवेन्यू शेयरिंग और नेविगेशन पर बनी सहमति.

ईरान और ओमान के बीच 26 अगस्त 2026 को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत जलमार्ग के प्रबंधन, रेवेन्यू शेयरिंग यानी राजस्व साझा करने और भविष्य की नेविगेशन व्यवस्था के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता और अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने जलमार्ग के पानी के बंटवारे और उससे मिलने वाले मुनाफे को लेकर अंतिम रूप से बातचीत पूरी कर ली है। इस खबर से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

तेहरान में हुई थी उच्च स्तरीय बैठक

यह समझौता ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad Al Busaidi और ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi के बीच 25 अगस्त 2026 को तेहरान में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद सामने आया है। इस नई व्यवस्था के तहत एक अस्थायी संयुक्त शिपिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके जरिए आने वाले कमर्शियल जहाज ईरानी पानी से गुजरेंगे, जबकि बाहर जाने वाले जहाज ईरान और ओमान दोनों के पानी का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा, दोनों देशों ने जलमार्ग के लिए एक संयुक्त खदान-सफाई (mine-clearing) प्रोजेक्ट शुरू करने पर भी रजामंदी जताई है।

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फरवरी से बंद है जलमार्ग का रास्ता

आपको बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़े तनाव के कारण 28 फरवरी 2026 से स्ट्रेट ऑफ हार्मुज का यह रास्ता ज्यादातर बंद चल रहा है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने साफ किया है कि इन समझौतों के बावजूद अभी जलमार्ग पूरी तरह बंद ही रहेगा। उन्होंने बताया कि इसे पूरी तरह से खोलने की शर्त यह है कि अमेरिका जून 2026 की अंतरिम शांति डील के दौरान किए गए वादों को पूरा करे। इसमें अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना और ईरान की सुरक्षा चिंताओं को दूर करना शामिल है। गरहिबाबादी ने यह भी कहा कि अगर यह समझौता पूरी तरह लागू होता है, तो सैन्य जहाजों के इस रास्ते से गुजरने पर रोक रहेगी।

भविष्य की बातचीत और राजनीतिक हलचल

अगले 30 से 60 दिनों के भीतर स्थायी प्रशासन, ट्रैफिक मैनेजमेंट और समुद्री सेवाओं को लेकर तकनीकी बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि ओमान इन विकास कार्यों को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहा है, लेकिन राजनीतिक हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि अमेरिकी नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय पानी से माइंस पहले ही हटा ली हैं, जिसे ईरानी अधिकारियों ने केवल प्रोपोगंडा बताया है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह अभी तेहरान के साथ किसी भी बातचीत में शामिल नहीं है और अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ईरान पर और नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस पूरी स्थिति पर मिडिल ईस्ट के मामलों पर नजर रखने वाले और गल्फ में रहने वाले भारतीय नागरिक भी बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता का सीधा असर व्यापार और यात्रा पर पड़ता है।

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