Oman और Kuwait का बड़ा फैसला, कोलंबिया द्वारा गोलान हाइट्स को इस्रायल का हिस्सा मानने पर जताई कड़ी आपत्ति.

ओमान और कुवैत ने कोलंबिया के उस विवादित फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उसने इस्रायल की संप्रभुता को गोलान हाइट्स पर मान्यता दी है। इस फैसले के बाद से खाड़ी देशों में नाराजगी साफ देखी जा रही है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया जा रहा है। दोनों देशों की सरकारों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह कदम क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है।
कोलंबिया के फैसले पर ओमान और कुवैत का कड़ा विरोध
सोमवार, 10 अगस्त 2026 को कोलंबिया ने इस्रायल की संप्रभुता को अधिकृत गोलान हाइट्स पर मान्यता दी थी जिसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र का ऐसा करने वाला दूसरा देश बन गया। इस मामले पर सबसे पहले कुवैत ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके ठीक बाद बुधवार, 12 अगस्त 2026 को ओमान के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले की निंदा की। ओमान और कुवैत दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि सीरिया का गोलान क्षेत्र हमेशा से सीरियाई अरब भूमि का हिस्सा रहा है और रहेगा। इस संबंध में कतर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार जीसीसी के महासचिव महामहिम जसेम मोहम्मद अलबुदैवी ने भी इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और संयुक्त राष्ट्र का रुख
ओमान और कुवैत के साथ-साथ सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर समेत कई देशों ने मिलकर इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय वैधता के खिलाफ बताया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 497 (वर्ष 1981) के तहत इस्रायल द्वारा गोलान पर अपने कानूनों को लागू करने के फैसले को पहले ही शून्य घोषित किया जा चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष दूत क्लाउडियो कॉर्डोन ने भी यह स्पष्ट किया है कि गोलान हाइट्स आज भी अधिकृत सीरियाई क्षेत्र ही है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वे सीरियाई अरब गणराज्य की संप्रभुता और उसकी एकता का पूरा समर्थन करते हैं।
कोलंबिया में नई सरकार का बड़ा बदलाव
कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएल्ला ने हाल ही में कार्यभार संभाला है और उनका यह फैसला उनके पूर्ववर्ती नेता की फिलिस्तीन समर्थक नीतियों से बिल्कुल अलग है। कोलंबियाई सरकार का कहना है कि इस्रायल का गोलान हाइट्स पर नियंत्रण रखना उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। इस बात पर इस्रायल के विदेश मंत्री गिदेओन साड़ ने कोलंबियाई राष्ट्रपति का धन्यवाद किया और इसे ऐतिहासिक कदम बताया। इसके जवाब में सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस मान्यता को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आपको बता दें कि अमेरिका के अलावा कोलंबिया दुनिया का इकलौता ऐसा दूसरा देश बन गया है जिसने इस तरह की मान्यता दी है, जिसे लेकर खाड़ी देशों में चिंता का माहौल है। विस्तृत जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।