Oman Labour Law: ओमान सरकार का बड़ा ऐलान, नौकरी छोड़ने पर अब ऐसे मिलेगा ग्रेच्युटी का पैसा, नियम जारी.

ओमान के श्रम मंत्रालय ने उन कर्मचारियों के लिए एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स यानी ग्रेच्युटी के संबंध में नए और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो सोशल प्रोटेक्शन लॉ के दायरे में नहीं आते हैं। यह खबर मुख्य रूप से उन प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है जो ओमान में काम कर रहे हैं और भविष्य में नौकरी बदलने या देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं। 6 और 7 अगस्त 2026 को जारी किए गए इस सर्कुलर का मकसद स्पष्टता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी नियोक्ता यानी कंपनियां कानून का सही तरह से पालन करें।
पुराने और नए कॉन्ट्रैक्ट पर अलग-अलग नियम
श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ग्रेच्युटी की गणना इस आधार पर की जाएगी कि कर्मचारी का कॉन्ट्रैक्ट किस कानून के तहत साइन हुआ था। अगर आपका कॉन्ट्रैक्ट 31 जुलाई 2023 से पहले की पुरानी लेबर लॉ के तहत हुआ था, तो ग्रेच्युटी का हिसाब अलग तरीके से होगा। इसमें पहले तीन साल की सेवा के लिए प्रति वर्ष 15 दिन के वेतन के हिसाब से पैसा जोड़ा जाएगा। तीन साल का समय पूरा होने के बाद, बाद के हर साल के लिए यह राशि बढ़कर एक महीने (30 दिन) के वेतन के बराबर हो जाएगी।
वहीं, जिन लोगों ने 31 जुलाई 2023 को या उसके बाद रॉयल डिक्री नंबर 53/2023 के अंतर्गत नया लेबर कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, उनके लिए नियम अलग हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की दर हर पूरे साल की सेवा के लिए कम से कम एक बेसिक वेतन (मूल वेतन) तय की गई है। मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि ग्रेच्युटी की यह गणना केवल कर्मचारी के आखिरी बेसिक वेतन पर आधारित होगी।
कंपनियों के लिए सख्त निर्देश
ओमान सरकार ने सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिया है कि वे ग्रेच्युटी की गणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी न करें। मंत्रालय के अनुसार, अंतिम बेसिक वेतन में किसी भी प्रकार के अलाउंस, बोनस या अन्य अतिरिक्त भुगतान को शामिल नहीं किया जाएगा। कंपनियों को नौकरी खत्म होने पर कर्मचारी के बकाया पैसे का भुगतान तुरंत और लेबर लॉ के प्रावधानों के अनुसार ही करना होगा। ओमान में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है, क्योंकि नौकरी छोड़ने या कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर अपनी सही ग्रेच्युटी राशि का पता होना उनके वित्तीय भविष्य के लिए काफी काम आता है। अधिक जानकारी के लिए ओमान के श्रम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और सर्कुलर को देखा जा सकता है। सरकार का यह कदम कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए उठाया गया है ताकि किसी भी तरह का विवाद न हो और सभी को उनकी मेहनत का पूरा फल मिल सके।