ओमान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका बातचीत का संकेत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर हो रही चर्चा

Sushma Kumari5 August 20262 min read60 viewsOman
ओमान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका बातचीत का संकेत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर हो रही चर्चा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी है कि ईरान के साथ उनकी सरकार की बातचीत काफी सकारात्मक रही है। पिछले पांच महीनों से चल रहे तनाव के बीच यह खबर उम्मीद जगाती है कि जल्द ही शांति का रास्ता निकल सकता है। हालांकि, Donald Trump ने ईरान को चेतावनी देते हुए साफ कहा कि अगर बातचीत नाकाम रही या ईरान पीछे हटा, तो उन्हें इसका बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने अपने बयान में यह भी दावा किया कि एक समय अमेरिका विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की तैयारी में था, लेकिन तेहरान के अनुरोध पर उसे रोक दिया गया।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या है बड़ा समझौता

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Oman की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर काम चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाना है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। यह प्रस्तावित 60 दिनों का एक अस्थायी समझौता है, जिसे भविष्य में आगे बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में औपचारिक घोषणा बुधवार को किए जाने की उम्मीद है। Donald Trump ने भी भरोसा जताया है कि अगले एक या दो दिनों में कोई अंतिम निर्णय सामने आ सकता है।

ईरान का रुख और जमीनी हकीकत

जहां अमेरिका की तरफ से बातचीत में प्रगति की बात की जा रही है, वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने एक अलग जानकारी दी है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका धमकी देना बंद नहीं करेगा, तब तक Oman के साथ समझौते में देरी हो सकती है। ईरानी अधिकारियों ने इस बात से बार-बार इनकार किया है कि वे सीधे अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका मानना है कि बातचीत केवल मध्यस्थों के माध्यम से ही हो रही है। बता दें कि 4 अगस्त 2026 को भी दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए थे। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल की कीमतों और सामान्य जनजीवन पर पड़ता है। भारत और अन्य देशों से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह मार्ग अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस पूरे मामले पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment