Oman: मस्कट मीडिया ग्रुप के चेयरमैन ने श्रम मंत्रालय के नियमों पर उठाए सवाल, ओमानलाइजेशन को लेकर बड़ी चिंता सामने आई.

Nura Basta19 August 20262 min read135 viewsOman
Oman: मस्कट मीडिया ग्रुप के चेयरमैन ने श्रम मंत्रालय के नियमों पर उठाए सवाल, ओमानलाइजेशन को लेकर बड़ी चिंता सामने आई.

ओमान में इन दिनों लेबर नियमों और ओमानलाइजेशन को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। Muscat Media Group के चेयरमैन Mohamed Issa Al Zadjali ने श्रम मंत्रालय के काम करने के तरीके पर खुलकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि किसी एक कंपनी में ओमानलाइजेशन कोटा पूरा नहीं होता है, तो उस व्यक्ति से जुड़ी बाकी सभी कंपनियों पर भी प्रशासनिक रोक लगा दी जाती है, चाहे वह व्यक्ति वहां मामूली शेयरधारक ही क्यों न हो।

ओमानलाइजेशन कोटा और कड़े नियम

ओमान में प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के लिए सरकार का साफ नियम है कि उन्हें तयशुदा कोटे के तहत स्थानीय यानी ओमान के नागरिकों को नौकरी पर रखना ही होगा। अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो सरकार सख्त कदम उठाती है। नियमों के मुताबिक, विदेशी कंपनियों को अपने संचालन के पहले साल के भीतर कम से कम एक ओमान नागरिक को नौकरी पर रखना अनिवार्य है, जिसे 1 April 2026 से सख्ती से लागू किया गया है। नियम तोड़ने वाली कंपनियों के विदेशी श्रम clearances सस्पेंड कर दिए जाते हैं, काम करने वाले प्रवासियों के परमिट रिन्यू नहीं होते हैं और भारी जुर्माना भी लगाया जाता है।

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सरकारी आंकड़े और निरीक्षण अभियान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, श्रम मंत्रालय ने साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी थी। मंत्रालय ने इस दौरान कुल 6,707 निरीक्षण दौरे किए, जिसमें प्रवासी श्रमिकों से जुड़े कुल 11,172 उल्लंघन दर्ज किए गए। इन सभी छापों और नियमों की देखरेख के लिए जुलाई 2026 में Ministerial Decision No. 44/2026 जारी किया गया था, जिसमें काम के परमिट और बिजनेस लाइसेंस से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे। इन तमाम कड़े नियमों के चलते ओमान में काम करने वाले प्रवासियों और छोटी कंपनियों के सामने कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।

शूरा काउंसिल और बिजनेस पर असर

अगस्त 2026 के पूरे महीने में Shura Council ने भी इन कड़े नियमों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि इन बदलावों की वजह से छोटे और मध्यम उद्योगों यानी SMEs पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। लोग अपने कारोबार को सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ होते जा रहे हैं। हालांकि, Times of Oman में 19 August 2026 को छपे इस ओपिनियन पीस के बाद श्रम मंत्रालय की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है कि एक कंपनी की गलती की वजह से दूसरी कंपनियों को क्यों ब्लॉक किया जा रहा है। इस पूरी स्थिति पर गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों की भी पैनी नजर है, क्योंकि नियमों की इस सख्ती से वहां कारोबार करना और नौकरी बचाना दोनों कठिन होता जा रहा है।

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