Oman में रूस के जहाज से बड़ा तेल रिसाव, 390 वर्ग किलोमीटर का इलाका प्रभावित, पर्यावरण पर मंडराया खतरा

Sushma Kumari10 August 20262 min read73 viewsOman
Oman में रूस के जहाज से बड़ा तेल रिसाव, 390 वर्ग किलोमीटर का इलाका प्रभावित, पर्यावरण पर मंडराया खतरा

ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि देश के तट के पास एक बड़ा तेल रिसाव हुआ है, जिससे लगभग 390 वर्ग किलोमीटर का समुद्री इलाका प्रभावित हुआ है। यह घटना 10 अगस्त 2026 को सामने आई, जब अधिकारियों ने इस बड़े खतरे की जानकारी आम जनता और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझा की।

किस जहाज से हुआ तेल रिसाव और क्या है मामला

यह खतरनाक तेल रिसाव Caroline Bezenge नामक टैंकर से हुआ है, जिसे रूस का शैडो फ्लीट टैंकर बताया जाता है। यह जहाज अल हल्लानियात द्वीप समूह के पास चट्टानों पर फंस गया था। 8 जून 2026 को इस जहाज में एक जोरदार धमाका हुआ था, जिसके बाद इसका इंजन और स्टीयरिंग पूरी तरह से खराब हो गया था। इस Suezmax टैंकर का दूसरा नाम Caroline Bezengi या Bizenji भी है।

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यह जहाज रूस के काला सागर टर्मिनल Sheskharis/Novorossiysk से लगभग 800,000 से 1 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर भारत की तरफ जा रहा था। इस जहाज का स्वामित्व शंघाई स्थित कंपनी Rentoor Ship Management के पास है। खास बात यह है कि इस जहाज ने 29 मई 2026 को कैमरून देश की अपनी झंडा पंजीकरण (flag registration) गंवा दी थी और फिलहाल इसे 'flag unknown' सूची में रखा गया है। इस जहाज पर अमेरिका के OFAC, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा पहले से ही प्रतिबंध लगाए गए हैं क्योंकि यह रूस के तेल को चुपचाप ले जाने में शामिल था।

प्रशासन की चेतावनी और satellite images का खुलासा

ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने बताया कि यह तेल रिसाव हल्लानियात द्वीप समूह से उत्तर-पूर्व दिशा में फैल रहा है। इसका सबसे करीबी हिस्सा मुख्य भूमि के तट से केवल सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इससे पहले अंतरिक्ष से ली गई उपग्रह तस्वीरों यानी satellite imagery से यह बात सामने आई थी कि यह रिसाव 26 जुलाई को केवल 45 वर्ग किलोमीटर था, जो तेजी से फैलकर 7 अगस्त तक लगभग 800 वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया था।

ओमान के समुद्री अधिकारियों ने 12 जुलाई को इस जहाज का अंदर जाकर सर्वेक्षण किया था, जिसमें पाया गया कि जहाज की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो रही है। इसके बाद परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 23 जुलाई को जहाज को हटाने का एक जरूरी आदेश जारी किया था। लेकिन जहाज के मालिकों की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसकी मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि यह जहाज संभवतः ठीक से बीमित (under-insured) नहीं है।

पर्यावरण संगठनों की चिंता

पर्यावरण की निगरानी करने वाले संगठनों जैसे कि ग्रीनपीस जर्मनी, ग्रीनपीस MENA और डच संगठन PAX ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। इन संगठनों का कहना है कि इस तेल रिसाव से इस क्षेत्र के समुद्री जीवों और पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचेगा, जो लंबे समय तक असर दिखाएगा। इस संरक्षित समुद्री क्षेत्र में मूंगा चट्टानें (coral reefs), समुद्री घास के मैदान, दुर्लभ समुद्री कछुए, प्रवासी पक्षी और अरब सागर की दुर्लभ हंपबैक व्हेल जैसी कई प्रजातियां रहती हैं, जिनपर अब बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

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