Oman में तेल रिसाव से मचा हड़कंप, धofar के पास फैला 390 वर्ग किलोमीटर में गंदा तेल, सरकार ने जारी किया अलर्ट.

ओमान देश के दक्षिण हिस्से में इन दिनों एक बड़ी आफत खड़ी हो गई है जहाँ समुद्र के अंदर तेल का रिसाव तेजी से फैल रहा है। यह गंभीर समस्या धofar गवर्नरट के पास मौजूद है जो हल्लानीयात आइलैंड के करीब फंसे एक बड़े जहाज 'कैरोलीन बेज़ेंगी' की वजह से पैदा हुई है। इस जहाज की लंबाई 274 मीटर है और ताजा अपडेट के मुताबिक यह गंदा तेल अब लगभग 390 वर्ग किलोमीटर यानी करीब 150 वर्ग मील के इलाके में फैल चुका है। सरकार और स्थानीय प्रशासन इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं ताकि आम जनता और पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे।
जहाज में धमाके के बाद शुरू हुई थी परेशानी
यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब 8 जून 2026 को इस जहाज पर एक संदिग्ध धमाका हुआ था जिसके बाद इसे संचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह जहाज रूसी क्रूड ऑयल लेकर जा रहा था और इसे एक प्रतिबंधित टैंकर के रूप में पहचाना गया है। धीरे-धीरे यह जहाज समुद्र की तली में और अधिक गहराई तक धंसता जा रहा है जिससे इसके अंदर मौजूद तेल को बाहर निकालना और इस पर काबू पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। चीनी कंपनियां रेंटूर शिपप्रबंधन लिमिटेड और विलार शिपप्रबंधन लिमिटेड इस जहाज का प्रबंधन देख रही हैं।
सरकार और अधिकारियों का बड़ा बयान
इस खतरनाक तेल रिसाव को रोकने के लिए ओमान सरकार पूरी तरह से गंभीर है और नेशनल रिस्पांस का नेतृत्व पर्यावरण प्राधिकरण यानी EA और परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मिलकर कर रहे हैं। EA के चेयरमैन डॉ. अब्दुल्ला बिन अली अल अमरी ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि देश के जरूरी संस्थानों जैसे कि पानी के डिसैलिनेशन प्लांट्स को लेकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा रखें। हालात पर नजर रखने के लिए अधिकारी लगातार हवाई निगरानी कर रहे हैं और पानी के भीतर डाइवर्स को भी तैनात किया गया है।
समुद्री जीवों और पर्यावरण पर मंडराता खतरा
सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के अनुसार इस तेल के फैलाव का दायरा अब बढ़कर लगभग 449 किलोमीटर तक पहुंच गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले 48 घंटों में यह तेल लगभग 121 किलोमीटर और आगे बढ़ सकता है जिससे रास मद्राकाह का इलाका भी इसकी चपेट में आ सकता है। यह पूरा क्षेत्र समुद्री जीवों के लिए एक सुरक्षित रिजर्व माना जाता है जहाँ अरब सागर के हंपबैक व्हेल और सोकोत्रा कॉर्मोरेंट जैसे दुर्लभ जीव पाए जाते हैं। इस तेल के फैलने से वहां की स्थानीय मछली पकड़ने के उद्योग और टूरिज्म पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। जर्मनी का ग्रीनपीस, PAX, स्काईट्रुथ और अबू धाबी की पर्यावरण एजेंसी जैसे कई बड़े संगठन इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।