Oman New Law: ओमान में बच्चों और घरेलू कामगारों को सोशल मीडिया पर दिखाना पड़ा भारी, होगी जेल और जुर्माना.

ओमान की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन यानी सरकारी अभियोजन ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और आम लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। इस नए आदेश के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों और घरेलू कामगारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो या रील्स बनाने के लिए इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल दुनिया में व्यूज और लाइक्स पाने के लिए बच्चों के बचपन और घरेलू कामगारों की गरिमा का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी कार्रवाई और सजा के कड़े प्रावधान
इस तरह के मामलों से निपटने के लिए ओमान सरकार ने साइबर अपराध से जुड़े कानूनों को बेहद कड़ा कर दिया है। इन उल्लंघनों के लिए कानूनी कार्रवाई रॉयल डिक्री संख्या 61/2026 के तहत साइबर अपराध से मुकाबला करने वाले कानून के अनुच्छेद 36/7 के अनुसार की जाती है। यदि कोई व्यक्ति बच्चों या घरेलू कामगारों का सोशल मीडिया पर शोषण करते हुए पाया जाता है, तो उसे तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा दोषी व्यक्ति पर 5,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है या फिर अदालत के फैसले के अनुसार जेल और जुर्माना दोनों की सजा एक साथ भुगतनी पड़ सकती है। यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होता है जो इंटरनेट पर प्रसिद्धि पाने के लिए दूसरों की मजबूरी या मासूमियत का फायदा उठाते हैं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए हिंसा और डर फैलाने वाले कंटेंट पर बैन
प्रत्यक्ष शोषण के अलावा, सरकारी अधिकारियों ने बच्चों से जुड़े किसी भी ऐसे कंटेंट के प्रसार पर रोक लगा दी है जो हिंसक, डरावना या उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की सामग्री बच्चों के मन में डर पैदा करती है और उनके कोमल दिमाग पर लंबे समय तक बुरा असर डालती है। ओमान में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे डिजिटल मीडिया का उपयोग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी और सावधानी बरतें। सोशल मीडिया पर कुछ भी अपलोड करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह देश के राष्ट्रीय मानकों के अनुकूल हो और समाज के कमजोर वर्गों की गरिमा व सुरक्षा को किसी भी तरह का नुकसान न पहुँचाए।