Quetta में तीन बलूच युवकों की गुमशुदगी पर मचा बवाल, मानवाधिकार संगठन Paank ने की कड़ी निंदा.

Nura Basta16 August 20262 min read67 viewsWorld
Quetta में तीन बलूच युवकों की गुमशुदगी पर मचा बवाल, मानवाधिकार संगठन Paank ने की कड़ी निंदा.

क्वेटा में मानवाधिकारों को लेकर हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं और अब बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग Paank ने तीन बलूच युवकों की कथित तौर पर जबरन गुमशुदगी को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है और मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह से लोगों को गायब करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और बुनियादी मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

घटना से जुड़ी मुख्य बातें और पीड़ित युवक

संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाएं अगस्त महीने की शुरुआत में सामने आईं। इसमें बताया गया कि 27-वर्षीय छात्र Wajid Baloch को बीती 10 अगस्त को क्वेटा के Qambrani Road से कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था। इसके अलावा, 17-वर्षीय छात्र Asfand Baloch और 40-वर्षीय Asif Ali को भी अगस्त के शुरुआती दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। इन एजेंसियों में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस का नाम भी शामिल बताया गया है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।

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संगठन की पाकिस्तान सरकार से सख्त मांग

मानवाधिकार संगठन Paank ने इस मामले में एक नाबालिग बच्चे की हिरासत पर विशेष रूप से गहरी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि कम उम्र के छात्रों और आम नागरिकों को इस तरह से उठाना बेहद डरावनी प्रवृत्ति है। Paank ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तुरंत इन तीनों व्यक्तियों का पता सार्वजनिक करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का यह भी कहना है कि सरकार को इस प्रकार की गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए ताकि आम जनता और छात्रों का जीवन सुरक्षित रह सके।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए Paank ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें। संगठन चाहता है कि वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाया जाए ताकि बलूचिस्तान क्षेत्र में जबरन गुमशुदगी की ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। स्थानीय स्तर पर भी लोग इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं।

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