पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर तेहरान के दौरे पर रवाना, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर होगी बड़ी चर्चा.

Praggya Singh sabal24 August 20262 min read47 viewsEnglish
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर तेहरान के दौरे पर रवाना, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर होगी बड़ी चर्चा.

पाकिस्तान के आर्मी चीफ Field Marshal Syed Asim Munir सोमवार, 24 अगस्त 2026 को इस्लामाबाद से तेहरान के लिए रवाना हो गए। इस हाई-लेवल दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों को आगे बढ़ाना है। इस दौरे की जानकारी सबसे पहले IRNA News Agency द्वारा दी गई थी, जिसकी पुष्टि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को की थी।

तेहरान में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक

पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा Inter-Services Public Relations (ISPR) ने अभी तक इस यात्रा का पूरा कार्यक्रम जारी नहीं किया है। हालांकि, बैठकों के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की पूरी उम्मीद है। इसमें क्षेत्रीय हालात, Pakistan-Turkiye-Saudi Arabia agreement की स्थिति और हौथी से जुड़े मामलों पर बातचीत शामिल है। फील्ड मार्शल मुनीर ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से भी मुलाकात करेंगे, जिनके साथ उनकी पहले भी फोन पर बातचीत हो चुकी है।

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क्षेत्र में तनाव और अमेरिकी प्रतिबंधों का साया

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इलाके में काफी ज्यादा तनाव बना हुआ है। कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच जून 2026 में साइन किए गए एक समझौते (MoU) को फिर से बहाल करने की कोशिशें चल रही हैं, जो जुलाई के बीच में बढ़ते तनाव के कारण टूट गया था। इसके अलावा, यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब अमेरिका सोमवार, 24 अगस्त 2026 को ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर चुका है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर ये नए प्रतिबंध लगाए गए, तो वह इसका सैन्य जवाब देने पर विचार कर सकता है।

आपको बता दें कि फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इन हालात के बीच पाकिस्तान लगातार ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष में एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य आने वाले दिनों में क्षेत्रीय स्थिरता को कायम रखना और कूटनीतिक संवाद के जरिए हालातों को संभालना है।

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