Pakistan News: बलूचिस्तान में कई जगहों पर ताबड़तोड़ हमले, पुलिस अधिकारी की मौत से मचा हड़कंप.

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में, प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में हथियारबंद लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और व्यावसायिक वाहनों को निशाना बनाकर कई बड़े हमले किए। इन घटनाओं में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर सामने आ रही है। इन लगातार हमलों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।
विभिन्न इलाकों में एक साथ हुए कई हमले
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हथियारबंद लोगों ने नोशकी, डलबंदिन, चगाई, खारन और बोलान समेत कई प्रमुख इलाकों में एक साथ हमलों को अंजाम दिया। ऑनलाइन समाचार नेटवर्क 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार, स्थानीय सूत्रों ने बताया कि नोशकी में सुल्तान चराई के पास सुरक्षा बलों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। इस दौरान हमलावरों ने अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों का खुलकर इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
इसके अलावा, डलबंदिन के पास महत्वपूर्ण क्वेटा-ताफ़्तन ट्रेड रूट पर सुरक्षा बलों और कमर्शियल वाहनों के काफिले को निशाना बनाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में करीब 40 मिनट से ज्यादा समय तक भीषण गोलीबारी और जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। वहीं, चेहाटर इलाके में भी सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर हमला हुआ, जहां दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। इसके साथ ही बरतागज़ी इलाके में भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने की सूचना मिली है।
सड़क मार्ग बाधित और वाहनों को नुकसान
हिंसा का दायरा सिर्फ सुरक्षा बलों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि आम यातायात और मालवाहक गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात चगाई जिले में क्वेटा से डलबंदिन जा रही एक मालवाहक बस को बीच रास्ते में रोक लिया गया। हमलावर कथित तौर पर बस और उसके सभी चालकों को किसी अज्ञात जगह पर अपने साथ ले गए। इसके साथ ही, चेहाटर के एक बाजार में खड़े मालवाहक ट्रकों और ईंधन टैंकरों पर भी अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिससे कई गाड़ियों के टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पड़ोसी जिले खारन में भी हालात काफी तनावपूर्ण रहे। हथियारबंद लोगों ने अल्बाट और पटकिन के बीच मुख्य हाईवे को कई घंटों तक पूरी तरह से जाम कर दिया। इस वजह से सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया। इस दौरान रास्ते से गुजरने वाले वाहनों की जबरन तलाशी भी ली गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस चेकपोस्ट पर कब्जा और अधिकारी की मौत
हिंसा की सबसे बड़ी घटना देर रात बोलान इलाके में सामने आई। यहां बलानारी नेशनल हाईवे पर स्थित डोसा क्रॉस पुलिस चेकपोस्ट को हथियारबंद हमलावरों ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने चेकपोस्ट पर हमला करने के बाद वहां रखे सभी हथियार और अन्य सामान अपने साथ लूटकर ले गए। इस भीषण हमले के दौरान पुलिस अधिकारी हाफ़िज़ अब्दुल रशीद की मौत हो गई।
इन सभी लगातार हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी विद्रोही संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, बलूचिस्तान के इन इलाकों में पहले से ही कई बलूच सशस्त्र संगठन सक्रिय हैं, जो लगातार पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खनिज ले जाने वाले वाहनों को निशाना बनाते रहे हैं। फिलहाल इन सभी घटनाओं को लेकर पाकिस्तानी प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान या हताहतों के पुख्ता आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं, और लोग आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।