Pakistan: बलोचिस्तान में पाकिस्तानी वायु सेना की बमबारी से 20 से ज्यादा नागरिकों की मौत, युद्ध अपराध बताया.

पाकिस्तान के अशांत इलाके बलोचिस्तान से एक बेहद दहला देने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। बलोचिस्तान के सुराब जिले के गदर इलाके में पाकिस्तानी वायु सेना ने भीषण बमबारी की है, जिसमें 10 साल से कम उम्र के मासूम बच्चों समेत 20 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं। आबादी वाले इलाकों में जेट विमानों से किए गए इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और मानवाधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना 13 अगस्त की है, जिसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
बलोच नेशनल मूवमेंट ने बताया युद्ध अपराध
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद बलोचिस्तान के राष्ट्रवादी और राजनीतिक संगठन बलोच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीएनएम ने पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा की गई इस कार्रवाई को सीधा युद्ध अपराध करार दिया है। संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि रिहायशी बस्तियों को निशाना बनाना, आम नागरिकों पर बम बरसाना और मासूम बच्चों की जान लेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है। बलोचिस्तान में आम लोगों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की ऐसी क्रूर कार्रवाई अब तुरंत रुकनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की मांग
बीएनएम ने इस मानवीय संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए यूरोपीय संघ (European Union) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस मामले में चुप्पी न साधें। संगठन ने मांग की है कि वैश्विक स्तर पर तुरंत और असरदार कदम उठाए जाएं ताकि बलोचिस्तान के लोगों की जान बचाई जा सके। इसके साथ ही प्रवक्ता ने पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के एकतरफा प्रोपेगैंडा और झूठे बयानों को तवज्जो न देने की बात कही है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बिना किसी भेदभाव के पूरी तरह से तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग करनी चाहिए ताकि जमीनी सच्चाई दुनिया के सामने आ सके।
खदान पर हमला और मजदूरों का अपहरण
इसी बीच बलोचिस्तान से एक और बड़ी वारदात की खबर सामने आई है। चगाई जिले के माहियान कोर इलाके में कुछ हथियारबंद लोगों ने एक निजी खनिज कंपनी की खदान पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने मौके पर पहुंचकर लाखों रुपये की मशीनरी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वे कंपनी के गार्ड और अन्य मजदूरों को जबरन अपने साथ अगवा कर ले गए।
अपहृत किए गए मजदूरों की पहचान गिलगित के रहने वाले वजाहत, वाजिद, शाहिद, सबर के अलावा स्थानीय श्रमिक जियाउद्दीन, शाह सलीम, चगाई और सईद मोहम्मद के रूप में हुई है। स्थानीय चगाई पुलिस का इस मामले में कहना है कि बंधक बनाए गए सभी मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं और पुलिस दल मौके पर सक्रिय है।
गैस पाइपलाइन धमाके से कई इलाकों में आपूर्ति ठप
एक अन्य घटनाक्रम में डेरा बुगती जिले के सुई स्थित गैस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि एक जोरदार धमाके के बाद क्वेटा के कोलपुर, माछ, मस्तुंग, कलात, पाशिन और जियारत समेत कई बड़े इलाकों में गैस की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, घटना स्थल पर गैस पाइपलाइन से तेज आग की लपटें निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। यह धमाका मुख्य हाईवे से मात्र 800 मीटर की दूरी पर पाइपलाइन की वाल्व असेंबली में हुआ। हालांकि, इस खतरनाक धमाके की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में अधिक जानकारी हिन्दुस्थान समाचार से ली गई है।