Pakistan Earthquake: उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप, कई इलाकों में महसूस किए गए तेज झटके.

उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को सुबह-सुबह धरती तेजी से हिल उठी जब वहां 5.4 तीव्रता का एक तेज भूकंप दर्ज किया गया। इस प्राकृतिक आपदा के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले आसमान के नीचे आ गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) से मिली जानकारी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र बट्टग्राम से 260 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में जमीन के भीतर 35 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। शुरुआती जांच और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट्स के अनुसार गनीमत यह रही कि इस बड़े झटके के बाद किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या फिर किसी बड़े हादसे की तुरंत कोई खबर सामने नहीं आई।
अलग-अलग जगहों पर महसूस किए गए झटके
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने भी इस भूकंप की पुष्टि की और बताया कि गिल्गित और गिल्गित-बाल्टिस्तान के पास यह घटना घटी है। स्थानीय समय के अनुसार यह झटका ठीक सुबह करीब 5:35 बजे आया था। हालांकि यह झटका काफी बड़े इलाके में महसूस किया गया लेकिन विशेषज्ञों का मानना था कि इससे किसी भी प्रकार की भारी तबाही की कोई आशंका नहीं थी। इस दौरान लोगों को केवल मामूली घटनाएं जैसे कि घरों में रखी चीजों का गिरना या फिर कांच की खिड़कियों के टूटने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक यह अच्छी तरह जानते हैं कि पाकिस्तान एक ऐसा भूभाग है जो बेहद संवेदनशील और भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह पूरा क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने वाली सीमा पर स्थित है जिस वजह से यहां अक्सर जमीन के नीचे हलचल होती रहती है।
हुन्ज़ा और आसपास के इलाकों में नुकसान
उसी दिन देश के दूसरे हिस्सों में भी लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं जिससे लोगों की चिंताएं और अधिक बढ़ गईं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, बैरिसाल से लगभग 59 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में सुबह के वक्त 0035 GMT यानी स्थानीय समयानुसार ठीक 5:35 बजे 5.1 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया जिसकी गहराई जमीन से 58.9 किलोमीटर नीचे थी। इसके अलावा हुन्ज़ा क्षेत्र में भी ठीक सुबह 5:36 बजे 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। इस झटके की ताकत इतनी अधिक थी कि इसने चिपुरसन घाटी समेत कई इलाकों में एक घर और एक मवेशी आश्रय को नुकसान पहुंचाया और साथ ही वहां की संचार व्यवस्था को भी पूरी तरह से बाधित कर दिया। प्रभावित गांवों के स्थानीय लोग मजबूरी में अपने घरों को छोड़कर टेंट लगाकर रहने लगे हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में भी किसी भी व्यक्ति की जान जाने की कोई सूचना नहीं मिली। इसके बाद गिल्गित के उत्तर में सुबह के समय 9:24 बजे 4.3 तीव्रता का एक और मध्यम स्तर का भूकंप दर्ज किया गया जिसकी गहराई 58 किलोमीटर मापी गई।