Pakistan Earthquake: पाकिस्तान के बलोचिस्तान में आया 4.8 तीव्रता का भूकंप, झोब और चमन में हिली धरती

पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में बुधवार सुबह अचानक धरती डोलने लगी, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई है और यह जमीन से 15 किलोमीटर की गहराई पर आया। गनीमत यह रही कि इस झटके के बाद शुरुआती तौर पर किसी भी तरह के जान या مال के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, जिससे स्थानीय प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है।
राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र ने की पुष्टि
द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के राष्ट्रीय भूकंपीय निगरानी केंद्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार की सुबह बलोचिस्तान के कई इलाकों में भूकंप के यह झटके महसूस किए गए। भूकंप का मुख्य केंद्र झोब से लगभग 122 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित था। इस झटके के असर से झोब और चमन शहरों में धरती काफी तेजी से हिल गई, जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुराने हादसों की डरावनी यादें
बलोचिस्तान और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है और इससे पहले भी यहाँ कई बड़े हादसे हो चुके हैं। पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 7 अक्टूबर 2021 को झोब और चमन में 5.9 तीव्रता का एक बहुत खतरनाक भूकंप आया था। उस दौरान हरनाई के पास 15 किलोमीटर की गहराई पर केंद्र होने के कारण सुबह करीब 3:20 बजे जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तब कई पक्की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई थीं। उस दर्दनाक हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
आफ्टरशॉक्स और हालिया झटके
साल 2021 के उस बड़े भूकंप के बाद भी कई दिनों तक लगातार आफ्टरशॉक्स यानी छोटे भूकंप के झटके आते रहे थे, जिसके बाद सरकार को बचाव दलों और सेना को मैदान में उतारना पड़ा था। इसके अलावा, मार्च 2024 में भी चमन की धरती एक बार फिर कांप उठी थी जब वहां 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वह झटका सुबह करीब 5:35 बजे आया था और उसका केंद्र क्वेटा से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। उस समय किला अब्दुल्ला, नोशकी, पिशिन, डलबंदिन, चगाई और क्वेटा जैसे प्रमुख इलाकों में भी धरती हिलने से अफरातफरी मच गई थी।