Pakistan Strike News: पाकिस्तान में गुड्स ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से अर्थव्यवस्था ठप, सरकार और ट्रांसपोटर्स के बीच बातचीत बेनतीजा.

Aanya9 August 20262 min read65 viewsWorld
Pakistan Strike News: पाकिस्तान में गुड्स ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से अर्थव्यवस्था ठप, सरकार और ट्रांसपोटर्स के बीच बातचीत बेनतीजा.

पाकिस्तान में औद्योगिक गतिविधियों पर भारी संकट आ गया है क्योंकि माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों ने शनिवार, 8 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। इस पहिये जाम हड़ताल की वजह से पूरे देश में सामान की आवाजाही रुक गई है, जिससे आम जनता और कारोबारियों दोनों की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। यह बड़ा कदम तब उठाया गया जब ट्रांसपोर्टर संगठनों और संघीय तथा सिंध सरकारों के बीच हुई अहम बातचीत शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को किसी भी समाधान पर पहुंचे बिना ही पूरी तरह से विफल हो गई थी। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।

सरकार और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बातचीत जारी

संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने हड़ताल के दिन यानी 8 अगस्त को वीडियो-लिंक के जरिए ट्रांसपोर्टरों के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि ट्रांसपोर्टर्स की सभी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनका समाधान निकाला जाएगा। सरकार ने स्थिति को संभालते हुए ट्रांसपोर्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल को आगामी सोमवार, 10 अगस्त को बातचीत के लिए इस्लामाबाद भी आमंत्रित किया है। इस बीच, सरकार ने यह राहत दी है कि जो गाड़ियां पहले से रास्ते में हैं और आयात-निर्यात के कंटेनर ढो रही हैं, उन्हें अपने गंतव्य तक जाने की छूट दी गई है ताकि जरूरी माल समय पर पहुंच सके। मंत्री ने मोटरवे पर ओवरलोडिंग रोकने के लिए एक्सल-लोड पॉलिसी को तुरंत लागू करने का आदेश भी दिया है।

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व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स की चिंताएं

ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एलायंस के अध्यक्ष मलिक शहजाद अवान ने साफ कर दिया है कि यह हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक उनका यह आंदोलन बंद नहीं होगा। उन्होंने संघीय और सिंध दोनों सरकारों पर इस मामले में पूरी तरह से गैर-जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, SITE एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री के अध्यक्ष अब्दुल रहमान फुद्दा ने इस पूरी स्थिति को मैन्युफैक्चरर्स यानी निर्माताओं के लिए बेहद डरावना बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कारखानों का कामकाज ठप होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में समय पर माल न पहुंच पाने की वजह से भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

प्रमुख मांगें और असर

транспортर्स (transporters) की मुख्य मांगों में रोजाना होने वाले ईंधन के दामों में बदलाव को वापस लेना, कार्गो ट्रांसपोर्ट पर विदहोल्डिंग टैक्स को कम करना, एक्सल-लोड नियमों को पूरे देश में एक समान लागू करना और डीजल के दामों में कटौती करना शामिल है। इन तमाम मांगों के कारण पूरे देश का व्यापार प्रभावित हो रहा है और कारखानों में कच्चे माल की सप्लाई रुकने से उत्पादन ठप होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। निर्यात से जुड़े ऑर्डर समय पर पूरे न होने की आशंका से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

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