Pakistan में जुलाई महीने में आयात में भारी उछाल, व्यापार घाटा 26 प्रतिशत तक बढ़ा.

Nura Basta22 August 20262 min read66 viewsWorld
Pakistan में जुलाई महीने में आयात में भारी उछाल, व्यापार घाटा 26 प्रतिशत तक बढ़ा.

पाकिस्तान में जुलाई 2026 के दौरान विदेशों से आने वाले सामान यानी आयात में बहुत बड़ी तेजी देखने को मिली है, जिसकी वजह से देश का व्यापार घाटा 26 प्रतिशत बढ़ गया है। यह जानकारी पाकिस्तान के आधिकारिक सांख्यिकी ब्यूरो यानी Pakistan Bureau of Statistics द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से सामने आई है। इस पूरे महीने के दौरान कुल आयात में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसकी रिपोर्ट ANI News और Samaa TV जैसे मीडिया संस्थानों ने भी साझा की है। इस आर्थिक स्थिति के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ANI News Report पर पूरी जानकारी देख सकते हैं।

खाने-पीने की चीजों और मशीनरी के आयात में रिकॉर्ड वृद्धि

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के महीने में देश में खाद्य पदार्थों का आयात कुल USD 805.4 million यानी भारतीय रुपयों के हिसाब से 224 अरब रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया। इस खर्चे में बच्चों का दूध, क्रीम, मसाले, सोयाबीन, पाम ऑयल, चीनी और दालें जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं। विशेष रूप से, बच्चों के दूध और क्रीम का आयात 25 प्रतिशत बढ़कर USD 18.7 million हो गया। इसके अलावा, देश में घरेलू स्तर पर चीनी का सरप्लस होने के दावों के बावजूद 112 metric tons चीनी का आयात किया गया। दूसरी ओर, मशीनरी का आयात 41 प्रतिशत उछलकर USD 1.31 billion पर पहुंच गया, जिसमें बिजली बनाने, कपड़ा उद्योग, खेती, कंस्ट्रक्शन और टेलीकॉम से जुड़े उपकरण शामिल थे। इसी तरह वाहन और ट्रांसपोर्ट के सामान का आयात 40 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड USD 420 million दर्ज किया गया। कपड़े से जुड़े सामान का आयात 15 प्रतिशत बढ़कर USD 680 million हो गया, जबकि खेती के उपकरण और केमिकल का आयात 23 प्रतिशत बढ़कर कुल USD 1 billion को पार कर गया। इसके अलावा कीमती धातुओं जैसे सोना, स्टील और लोहे का आयात भी 23 प्रतिशत बढ़कर USD 730 million से अधिक हो गया।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर

आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि यह स्थिति सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी International Monetary Fund के दबाव में आकर आयात पर लगी पाबंदियों को ढीला करने के बाद पैदा हुई है। यह पूरा मामला वाणिज्य मंत्रालय यानी Ministry of Commerce की नई आयात नीति यानी Import Policy Order के नियमों के तहत चल रहा है, जिसकी जानकारी आप Commerce Ministry SROs पर देख सकते हैं। देश के आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह लगातार बढ़ते व्यापार असंतुलन की वजह से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ रहा है। देश में हाल ही में लागू किए गए सरकारी नियम जैसे कि SRO 61 of 2026 लगातार देश की आयात व्यवस्था और बाजार की स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे आम आदमी की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं।

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