पाकिस्तान में बवाल: इमरान खान की गिरफ्तारी की तीसरी बरसी पर भड़के समर्थक, पुलिस ने की आंसू गैस की बौछार.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर 5 अगस्त 2026 को पूरे देश में तनाव का माहौल देखा गया। इस दिन पाकिस्तान की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी उतरे और पुलिस के साथ उनकी झड़पें हुई। Rawalpindi, Lahore, Karachi और Peshawar जैसे बड़े शहरों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज का सहारा लिया। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अधिकारियों ने PTI की रैलियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया और Rawalpindi के Liaquat Bagh समेत कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए।
प्रदर्शनों का विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रांतीय प्रशासन ने रास्तों को कंटेनरों से पूरी तरह सील कर दिया था, जिससे आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। PTI के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हर जगह पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा। Khyber Pakhtunkhwa प्रांत, जहां PTI की सरकार है, वहां सबसे बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पूरे देश में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें Lahore में कम से कम 25, Karachi में 10 और Mianwali तथा पंजाब के अन्य हिस्सों में लगभग 50 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है। झड़पों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के घायल होने की भी सूचना मिली है।
इमरान खान की रिहाई और अंतरराष्ट्रीय चिंता
PTI नेतृत्व ने साफ तौर पर कहा है कि वे Imran Khan की तत्काल रिहाई, उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके परिवार व वकीलों से मुलाकात की अनुमति देने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन उनकी बहनों और कानूनी टीम को Adiala जेल में मिलने की इजाजत नहीं दी गई थी। इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा कर दी है। United Nations Working Group on Arbitrary Detention पहले ही यह कह चुका है कि Imran Khan की गिरफ्तारी का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। वहीं, Amnesty International ने भी पाकिस्तानी अधिकारियों से उनके मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
राजनीतिक सरगर्मी और सरकारी पक्ष
साल 2026 की एक रिपोर्ट में यूके सरकार ने भी यह माना है कि पाकिस्तान में अभिव्यक्ति और सभा की आजादी पर लगातार लगाम लगाई जा रही है। PTI समर्थकों को लगातार गिरफ्तारी और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मौजूदा प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकार का कहना है कि Imran Khan पर चल रहे सभी मामले कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं और उनमें कोई भी राजनीतिक बदला या साजिश शामिल नहीं है। ANI News के अनुसार, यह सारा विवाद 5 अगस्त 2023 को Toshakhana भ्रष्टाचार मामले में उनकी पहली सजा और गिरफ्तारी के बाद से ही जारी है।