Pakistan Independence Day: कराची में आजादी का जश्न मातम में बदला, हवा में गोलीबारी से महिला की मौत और 94 घायल

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का जश्न उस समय मातम में बदल गया जब जश्न मना रहे लोगों ने जमकर आतिशबाजी के साथ-साथ हवा में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस गैरकानूनी और खतरनाक फायरिंग की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई और कम से कम 94 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एधी फाउंडेशन के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत शहर के अलग-अलग बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हर साल जश्न के नाम पर होने वाली ऐसी लापरवाह हरकतों से आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाती है और इस बार भी हालात पिछले सालों की तरह ही बेहद डरावने रहे।
अस्पतालों में उमड़ी घायलों की भीड़
द न्यूज, दुनिया न्यूज और जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह अस्पतालों की तरफ से रात भर लाए गए पीड़ितों का पूरा ब्योरा साझा किया गया। अब्बासी शहीद अस्पताल में कुल 24 मरीज पहुंचे, जिनमें एक महिला, चार बच्चे और 19 पुरुष शामिल थे। इसके अलावा जिन्ना अस्पताल में 35 लोग लाए गए, जिनमें तीन बच्चे, चार महिलाएं और 28 पुरुष अपना इलाज करवाने पहुंचे। वहीं सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में 26 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें 10 बच्चे, चार महिलाएं और 12 पुरुष शामिल थे। घायलों में कुल 10 महिलाएं और 17 बच्चे भी बताए गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर सिविल अस्पताल और अब्बासी शहीद अस्पताल ले जाया गया था।
कराची के इन इलाकों में मची अफरातफरी
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लियारी, सदर, कोरंगी, मालिर, अजीजाबाद, नॉर्थ नाजिमाबाद, नाजिमाबाद, गुलबहार, गुलशन-ए-इकबाल, ओरंगी टाउन, जमशेद क्वार्टर्स और डिफेंस कालोनी जैसे इलाकों में स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान जमकर हवाई फायरिंग की गई। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए कराची के पूर्वी, पश्चिमी और मध्य जिलों से कुल 30 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को ख्वाजा अजमेर नगरी, समनाबाद, रिजविया सोसाइटी और सर सैयद पुलिस थाना क्षेत्र से पकड़ा गया है। पुलिस ने कई आरोपियों के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं जो हवा में गोलियां चलाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे।
गोली लगने से महिला की मौत और पुराना आंकड़ा
पुलिस ने बताया कि अब्बासी शहीद अस्पताल में इलाज के दौरान गोली लगने से घायल होने वाली महिला की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जो रिश्ते में मृत महिला का चचेरा भाई ही निकला। कराची में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हवा में फायरिंग की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले सालों के आंकड़े देखें तो साल 2025 में ऐसी ही घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई थी और कम से कम 75 लोग घायल हुए थे। वहीं साल 2024 में भी स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान हवा में गोलियां चलने से लगभग 95 लोग घायल हुए थे, जो प्रशासन की नाकामी और लोगों की लापरवाही को साफ दिखाता है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का संबोधन
दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही घड़ी में रात के 12 बजे और 14 अगस्त की शुरुआत हुई, कराची के आम लोग 14 अगस्त 1947 को मिली आजादी की वर्षगांठ मनाने के लिए सड़कों और अपनी छतों पर निकल आए थे और इसी दौरान बेखौफ होकर हवा में गोलियां दागी गईं। इस बीच देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। इस्लामाबाद में एक आधिकारिक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अवाम एक ऐतिहासिक जीत के साये में मुल्क के लिए अपनी जानें कुर्बान करने वालों को श्रद्धांजलि दे रही है। उन्होंने अपनी संस्थापक पीढ़ी की कुर्बानियों को याद करते हुए पानी के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि पाकिस्तान के लिए पानी की हर एक बूंद अति संवेदनशील मुद्दा है, और अगर भारत ने पानी के मुद्दे पर कोई गड़बड़ी की तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता देश की युवा पीढ़ी को विकास के नए और बेहतर मौके उपलब्ध कराना है।