Pakistan: पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए तेज की कूटनीति, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर जोर.

पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए अपनी राजनयिक कोशिशों को तेज कर दिया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar ने कहा है कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बातचीत बहुत जरूरी है। 13 अगस्त 2026 को इस्लामाबाद में नॉर्वे के विदेश मंत्री Espen Barth Eide के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने भी यह साफ किया कि पाकिस्तान सीधे और गैर-सीधे दोनों तरह के माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि इलाके में स्थिरता बनी रहे। सरकार का यह मानना है कि जंग या तनाव बढ़ाने की बजाय कूटनीति के रास्ते पर चलना ही सही फैसला होगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौता ज्ञापन की समय सीमा नजदीक आ रही है, लेकिन इसके बावजूद बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए गए हैं और उम्मीद की किरण अभी भी बाकी है.
सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय गतिविधियां तेज
इस बीच क्षेत्रीय स्तर पर कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच Makkah Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका मकसद सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है। इसी कड़ी में आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi ने तेहरान का दौरा किया और वहां के अधिकारियों के साथ सुरक्षा के मुद्दों पर अहम बातचीत की। इस पूरी प्रक्रिया की अधिक जानकारी आप MoFA Pakistan Press Release पर देख सकते हैं।
पाकिस्तान के इन तमाम प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यही है कि मुख्य पक्षों के साथ लगातार बातचीत करके मिडिल ईस्ट में शांति और सुरक्षा कायम रखी जाए। सरकार लगातार यह कोशिश कर रही है कि किसी तरह की बड़ी जंग या टकराव से बचा जाए और आम लोगों की जिंदगी पर इसका बुरा असर न पड़े।