अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने आगे आया पाकिस्तान, फारम की खाड़ी में सुरक्षा को लेकर हुई बात

Sushma Kumari26 August 20262 min read55 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने आगे आया पाकिस्तान, फारम की खाड़ी में सुरक्षा को लेकर हुई बात

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए अब कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तान की तरफ से एक बड़ी पहल सामने आई है, जहां तनाव को घटाने के लिए अमेरिका का एक प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाया गया है। इस पूरी बातचीत का मकसद जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना और क्षेत्र में शांति बहाल करना है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने की तेहरान की यात्रा

मिली जानकारी के मुताबिक, तनाव को कम करने से जुड़ा एक अमेरिकी प्रस्ताव पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा तेहरान पहुंचाया गया। यह हाई-लेवल दौरा 24 अगस्त 2026 को हुआ था। इस प्रस्ताव में अमेरिका की तरफ से 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकेड' को खत्म करने की बात कही गई है, जिसे 24 अगस्त को ही एक आक्रामक सेकेंडरी-सैंक्शन कैंपेन के रूप में शुरू किया गया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस प्रस्ताव के तहत यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से सामान्य करता है और अपने सहयोगी सशस्त्र समूहों के हमलों को रोकता है, तो अमेरिका की तरफ से आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं। यह पूरा ऑफर वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले हुए एक समझौते यानी Memorandum of Understanding (MoU) पर आधारित बताया जा रहा है।

ईरान का अंदरूनी विचार और मुख्य मांगें

इस मसले पर 25 अगस्त को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने पुष्टि की कि तेहरान इस वक्त अंदरूनी स्तर पर बातचीत कर रहा है और जल्द ही इस प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक जवाब देगा। ईरान की तरफ से कुछ बड़ी शर्तें और मांगें रखी गई हैं जिनमें 300 अरब डॉलर का अमेरिकी मुआवजा, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को रिहा करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह से वापसी और लेबनान तथा गाजा को कवर करने वाला एक व्यापक क्षेत्रीय युद्धविराम शामिल है।

इसके अलावा, तेहरान ने यह भी मांग की है कि अमेरिका जून के एमओयू के आर्टिकल 5 का पालन करे, जो सुरक्षित आवाजाही और ओमान के साथ सलाह-मशविरे से जुड़ा है।

पाकिस्तान और ओमान की भूमिका

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने 25 अगस्त को इन चर्चाओं में 'महत्वपूर्ण प्रगति' होने की बात कही। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि इन वार्ताओं में मुख्य प्राथमिकता आगे किसी भी तरह के तनाव को रोकने और क्षेत्रीय संघर्षों को जल्द खत्म करने की है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी पाकिस्तानी और ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य में एक साझा अस्थायी नौवहन गलियारा और खदान हटाने की योजना तैयार करना है।

दूसरी तरफ, अमेरिका की तरफ से इस मध्यस्थता पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ने ईरान के साथ अपने आर्थिक संबंधों को बदलने से साफ इनकार कर दिया है।

Share:

Comments

Leave a comment