Pakistan: विदेशी पत्रकारों के लिए बदले नियम, अब हर रिपोर्टिंग के लिए लेना होगा NOC.

Praggya Singh sabal7 August 20262 min read52 viewsWorld
Pakistan: विदेशी पत्रकारों के लिए बदले नियम, अब हर रिपोर्टिंग के लिए लेना होगा NOC.

पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे पूरी दुनिया में प्रेस की आजादी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अगस्त 2026 की शुरुआत में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के External Publicity Wing (EP Wing) ने Foreign Media Facilitation Guidelines, 2026 नाम से नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत अब विदेशी संवाददाताओं और पाकिस्तान में उनके साथ काम करने वाले स्थानीय पत्रकारों, फ्रीलांसरों और स्ट्रिंगर्स को पंजीकरण और एक्रेडिटेशन (मान्यता) लेना जरूरी हो गया है।

काम करने के लिए अब NOC अनिवार्य

नए नियमों के अनुसार, अगर कोई पत्रकार इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों से बाहर जाकर रिपोर्टिंग करना चाहता है, तो उसे सरकार से पहले No Objection Certificate (NOC) लेना होगा। यह नियम समाचार कवरेज, डॉक्यूमेंट्री बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले कंटेंट पर भी लागू होता है। सरकारी मंत्रालय का कहना है कि यह नियम मीडिया के काम को पारदर्शी बनाने के लिए लाए गए हैं और इनका मकसद प्रेस की आजादी को रोकना नहीं है। जानकारी के लिए आप NewsOnAir की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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पत्रकार संगठनों और मानवाधिकार आयोग की चिंता

इस फैसले के सामने आते ही पाकिस्तान में पत्रकारिता जगत में खलबली मच गई है। Human Rights Commission of Pakistan (HRCP) ने 5-6 अगस्त 2026 को इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ये नियम नौकरशाही का नियंत्रण बढ़ा देंगे और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए खतरा पैदा करेंगे। वहीं, Pakistan Federal Union of Journalists (PFUJ) ने भी 6 अगस्त को इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है। उनका मानना है कि इन सख्त नियमों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि खराब हो सकती है।

नियमों का उल्लंघन होने पर क्या होगा?

मंत्रालय ने साफ किया है कि यदि किसी पत्रकार की रिपोर्टिंग देश की विचारधारा, संप्रभुता, सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ पाई जाती है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। आलोचकों का कहना है कि अपील करने की जो प्रक्रिया तय की गई है, उसमें इतना समय लग सकता है कि उस खबर का महत्व ही खत्म हो जाएगा। सरकार द्वारा हाल ही में Al Jazeera के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी ब्लॉक किया गया था, जिसका कारण पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हुए विरोध प्रदर्शनों की कवरेज को बताया गया था। उस समय मंत्रालय ने उस कवरेज को 'खराब गुणवत्ता वाली पत्रकारिता' कहकर आलोचना की थी। वर्तमान में यह मामला मीडिया की पहुंच और सरकार के नियंत्रण के बीच एक बड़ी बहस का विषय बना हुआ है।

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