Pakistan: सिंधु जल संधि को लेकर भड़के शहबाज शरीफ, भारत को दी चेतावनी कहा यह रेड लाइन है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी करते हुए सिंधु जल संधि यानी Indus Waters Treaty को निलंबित करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर दिए गए अपने भाषण में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश के जल संसाधन किसी भी कीमत पर समझौते के दायरे में नहीं आते हैं और यह एक ऐसी रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भारत ने अपने इस रुख में सुधार नहीं किया तो पाकिस्तान की तरफ से इसका सीधा जवाब दिया जाएगा।
सिंधु जल संधि और आतंकवाद का मुद्दा
यह पूरा कूटनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब भारत ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए एक घातक आतंकी हमले के बाद 1960 की इस ऐतिहासिक संधि को निलंबित कर दिया था। भारतीय अधिकारियों का पक्ष यह था कि सीमा पार से लगातार हो रहे आतंकवाद के कारण इस समझौते से जुड़ी मूल परिस्थितियां पूरी तरह से बदल चुकी हैं। इसके जवाब में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय यानी Permanent Court of Arbitration ने जून 2025 में यह फैसला सुनाया था कि इस संधि को एकतरफा तरीके से निलंबित करने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यह समझौता फिलहाल अधर में लटका हुआ है।
क्षेत्रीय तनाव और नए समझौते
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अपने संबोधन के दौरान भारत को शांति का दुश्मन बताया और मई 2025 के दौरान हुई सैन्य भिड़ंत का जिक्र किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में कभी भी पाकिस्तान की संप्रभुता को चुनौती दी गई तो देश की तरफ से और भी अधिक मजबूत प्रतिक्रिया दी जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यह आक्रामक भाषा ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्रीय स्तर पर काफी अस्थिरता बनी हुई है और हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौता यानी Mecca Joint Defence Agreement भी अस्तित्व में आया है।