Pakistan Protest: महंगाई और पेट्रोल की कीमतों से पाकिस्तान में हाहाकार, सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग

पाकिस्तान में ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमर तोड़ महंगाई के खिलाफ 8 अगस्त 2026 को देशभर में गुस्सा फूट पड़ा। रावलपिंडी और हजारा जैसे इलाकों में हालात काफी तनावपूर्ण रहे, जहां हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार की आर्थिक नीतियों का जमकर विरोध किया। Jamaat-e-Islami के नेतृत्व में हो रहे इन प्रदर्शनों के कारण कराकोरम हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें घंटों तक ब्लॉक रहीं, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पेट्रोल और महंगाई पर जनता का आक्रोश
विरोध प्रदर्शन के दौरान आम लोगों ने सरकार से मांग की कि पेट्रोलियम लेवी को तुरंत वापस लिया जाए और पेट्रोल की कीमतों को Rs 225 प्रति लीटर तक सीमित किया जाए। प्रदर्शनकारी लंबे समय से पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से परेशान हैं। Hafiz Naeemur Rehman, जो जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हैं, उन्होंने इस आंदोलन का आह्वान किया था, जिसके बाद कराची, लाहौर, पेशावर, क्वेटा और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
सरकार का नया फ्यूल रिवीजन सिस्टम
इस संकट के बीच सरकार की ओर से Oil and Gas Regulatory Authority (OGRA) ने 17 जुलाई 2026 से एक नया फ्यूल प्राइस रिवीजन सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर हर रोज ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। हालांकि, सरकार अभी भी पेट्रोल पर Rs 80 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर Rs 74.28 प्रति लीटर की भारी पेट्रोलियम लेवी वसूल रही है। इसके अलावा, Rs 5 प्रति लीटर का क्लाइमेट सपोर्ट लेवी (CSL) भी लगाया जा रहा है, जो जनता की जेब पर सीधा बोझ डाल रहा है।
ईंधन कीमतों का ताजा आंकड़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 8 से 10 अगस्त 2026 तक के लिए पेट्रोल में Rs 2.20 की मामूली कमी की गई है, जिससे इसकी कीमत Rs 327.62 प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह, डीजल की कीमत में Rs 1.50 की कटौती के बाद यह Rs 380.86 प्रति लीटर पर है। विस्तार से आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| Fuel Type | New Price (per litre) | Reduction |
|---|---|---|
| Petrol | Rs 327.62 | Rs 2.20 |
| High-Speed Diesel (HSD) | Rs 380.86 | Rs 1.50 |
हालाँकि यह लगातार दूसरी बार की गई कटौती है, लेकिन आम आदमी इसे नाकाफी मान रहा है। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि सरकार की आर्थिक नीतियां International Monetary Fund (IMF) के इशारों पर चल रही हैं। अप्रैल के महीने में पेट्रोल की कीमत Rs 459 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी, जिसे लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान युद्ध के बाद से पाकिस्तान दुनिया भर में सबसे अधिक ईंधन महंगाई झेलने वाले देशों में शुमार हो गया है। अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।