अमेरिका और ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान की बड़ी पहल, शांति वार्ता को लेकर किया बड़ा दावा.

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गंभीर तनाव को कम करने के लिए बड़ी कूटनीतिक प्रगति का दावा किया है। इस पूरी पहल के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख Field Marshal Syed Asim Munir और गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने 24 अगस्त 2026 को तेहरान का एक उच्च स्तरीय दौरा किया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था।
ईरान के साथ बैठकों में क्या हुई चर्चा
गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने 25 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ हुई बैठकों में काफी सार्थक बातचीत हुई। इस दौरान मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात, स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज को फिर से खोलने और इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU को दोबारा बहाल करने के कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि इस एमओयू की 60 दिन की समय सीमा पहले ही खत्म हो चुकी थी और अमेरिका तथा ईरान दोनों ने इसे छोड़ दिया था, फिर भी पाकिस्तान इस पुराने फ्रेमवर्क को फिर से लागू करने की लगातार कोशिश कर रहा है।
सैन्य और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा ISPR ने पुष्टि की है कि इस दौरे का मकसद किसी भी तरह की बड़ी सैन्य जंग को रोकना और इलाके में स्थायी शांति कायम करना है। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, विदेश मंत्री Abbas Araghchi, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei और गृह मंत्री Eskandar Momeni समेत देश के तमाम बड़े नेताओं ने पाकिस्तान की इस मध्यस्थता की भूमिका की तारीफ की। हालांकि संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए और ईरान उम्मीद करता है कि अमेरिका पहले अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे। इसके अलावा ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने साफ किया कि देश किसी भी नए प्रतिबंध का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिका के नए प्रतिबंध और आगे की स्थिति
एक तरफ जहां कूटनीतिक बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने 25 अगस्त 2026 को Economic D-Day रणनीति का ऐलान कर दिया। इसके तहत ईरान के विमानन, शिपिंग, सोना और डिजिटल संपत्ति सेक्टर पर नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी उन देशों को आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है जो ईरान की मदद करेंगे। इन सबके बीच ईरानी सांसदों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख Field Marshal Munir वॉशिंगटन से एक संदेश लेकर आए थे जिसमें ईरान से पुराने एमओयू फ्रेमवर्क पर फिर से विचार करने को कहा गया है।