गाजा के नासर अस्पताल हमले की बरसी पर फलस्तीनियों ने निकाला कैंडल मार्च, एक साल बाद भी न्याय का इंतजार.

फलस्तीन के खान यूनिस शहर में लोगों ने एकत्रित होकर 26 अगस्त 2026 को नासर अस्पताल पर हुए खतरनाक हमले की पहली बरसी पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा और मौन जुलूस का आयोजन किया। यह हमला ठीक एक साल पहले 25 अगस्त 2025 को हुआ था, जिसे इजरायली सेना द्वारा 'डबल-टैप' एयरस्ट्राइक के रूप में अंजाम दिया गया था। इस दर्दनाक घटना में बचाव कर्मियों और पांच पत्रकारों सहित कम से कम 20 लोगों की जान चली गई थी, जिसने पूरी दुनिया के मानवीय संगठनों को झकझोर कर रख दिया था।
जान गंवाने वाले पत्रकारों की पहचान और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
इस भीषण हमले में मारे गए पत्रकारों में एसोसिएट प्रेस और अन्य मीडिया घरानों के लिए फ्रीलांस काम करने वाली मरियम डग्गा, रॉयटर्स के कैमरामैन हुसाम अल-मासरी, अल जजीरा के फोटोग्राफर मोहम्मद सलामा, एनबीसी के पत्रकार मोआज़ अबू ताहा और मिडिल ईस्ट आई के रिपोर्टर अहमद अबू अजीज शामिल थे। घटना के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विदेशी प्रेस एसोसिएशन, रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इजरायली सेना का पक्ष और प्रधानमंत्री का बयान
घटना के बाद इजरायली सैन्य अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा था कि इस हमले का असल मकसद अस्पताल की छत पर लगे हमास के एक सर्विलांस कैमरे को निशाना बनाना था और साथ ही कुछ ऐसे लोगों को पकड़ना था जिनकी पहचान आतंकवादियों के रूप में हुई थी। हालांकि, इजरायली सेना का यह भी दावा था कि इस दौरान मारे गए लोगों में से छह लोग हमास से जुड़े हुए थे। इसके विपरीत, बाद में एक सैनिक ने यह बयान दिया कि कैमरे और उस समूह के बीच किसी भी तरह के संबंध का कोई पुख्ता सबूत नहीं था और वे छह लोग असल में निशाने पर नहीं थे। इस पूरे मामले पर देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक 'tragic mishap' यानी दुखद दुर्घटना करार दिया था, और इजरायली रक्षा बलों ने इस मामले की आंतरिक जांच कराने का वादा किया था।
एक साल बीतने के बाद भी न्याय अधूरा
तारीख 26 अगस्त 2026 आ चुकी है, लेकिन इस एक साल के लंबे अरसे के दौरान इन मौतों के लिए किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा नहीं किया गया है। मानवाधिकार संगठनों का साफ तौर पर कहना है कि फलस्तीनी नागरिकों की हत्याओं के मामलों में इजरायली सैनिकों को सजा मिलने या जवाबदेह ठहराए जाने के उदाहरण बहुत ही कम मिलते हैं। इसके अलावा, इजरायली रक्षा बल द्वारा लगातार अनुरोध किए जाने के बावजूद इस जांच की स्थिति और समय-सीमा के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी या रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। हाल ही में 24 अगस्त 2026 को 'द इंडिपेंडेंट' अखबार द्वारा प्रकाशित एक विशेष जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि नासर अस्पताल पर किया गया यह दोहरा हमला संभवतः युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।