अमेरिका और ईरान की जंग में पेंटागन का बड़ा ऐलान, 18 सैनिक मारे गए और 757 घायल

पेंटागन ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें बताया गया है कि 28 फरवरी 2026 को जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब से अब तक 18 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 757 सैनिक घायल हो चुके हैं। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सामने आए इन ताजा आंकड़ों में घायल सैनिकों की संख्या में 50 से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन सभी मामलों को 'ओवरसीज ऑपरेशंस' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत रखा गया है, जो ईरान पर अमेरिकी हमलों का आधिकारिक नाम है।
युद्ध और संघर्ष के ताजा हालात
ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और जून के महीने में हुआ 60 दिन का सीजफायर यानी युद्धविराम समझौता खत्म हो चुका है। शांति वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल रहा है, इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 अगस्त को कहा कि ईरान के साथ स्थिति बहुत अच्छी है और साथ ही तेहरान पर सख्त आर्थिक कार्रवाई का ऐलान भी कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी देश ईरान को आर्थिक मदद देगा, उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन धमकियों को एक छलावा बताया और कहा कि यह अमेरिकी कर्ज और अंदरूनी संकट से लोगों का ध्यान भटकाने की चाल है।
सैन्य हलचल और क्षेत्र में जहाजों की तैनाती
खाड़ी क्षेत्र में लगातार फौजी तैयारियां चल रही हैं और अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन मध्य पूर्व पहुंच चुका है, जिसने यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने तेल ले जाने वाले जहाजों के लिए होरमुज जलडमरूमध्य में एक सुरक्षित रास्ता भी तैयार किया है, जबकि ईरान ने अब आक्रामक सैन्य रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पेंटागन की तरफ से आने वाले इन आंकड़ों पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं, क्योंकि इससे पहले तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से रिकॉर्ड किए गए नंबरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इस पूरे मामले में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और वार्ताकार जेरेड कुशनर मुख्य भूमिकाओं में शामिल हैं।