POJK चुनाव में नवाज़ शरीफ की पार्टी का बड़ा दावा, बहुमत हासिल करने के बाद अगले हफ़्ते होगा नई सरकार का गठन।

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर यानी पीओजेके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) ने हाल ही में हुए चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का दावा ठोक दिया है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने जनता के बीच रहकर जीत हासिल की है और अब क्षेत्र में उनकी ही सरकार बनने जा रही है जिसे लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। आम लोगों के बीच इस चुनाव परिणाम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं क्योंकि यह चुनाव ऐसे समय में हुए हैं जब पूरे इलाके में तनाव और विरोध प्रदर्शनों का माहौल बना हुआ था।
संसदीय मामलों के मंत्री ने दी आधिकारिक जानकारी
इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फज़ल चौधरी ने गुरुवार को मीडिया और आम जनता के सामने बड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चुनाव के तीसरे चरण के पूरा होने के बाद उनकी पार्टी ने कुल 24 सीटों पर अपनी पक्की जीत दर्ज कर ली है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जब आरक्षित सीटों का आधिकारिक आवंटन किया जाएगा, तब पार्टी की कुल सीटों की संख्या बढ़कर सीधे 30 तक पहुंच जाएगी। सरकार की तरफ से इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बताया गया है ताकि किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश न बचे।
विधानसभा का गणित और बहुमत का आंकड़ा
अगर पीओजेके विधानसभा के पूरे आंकड़ों पर नजर डालें तो यहाँ कुल 53 सीटें तय की गई हैं। इन सभी सीटों का गणित इस तरह से है कि इसमें 45 सामान्य सीटें शामिल हैं, जबकि बाकी बची हुई 8 सीटें महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों और कश्मीरी प्रवासियों के लिए पूरी तरह से आरक्षित रखी गई हैं। किसी भी राजनीतिक दल को अपनी सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 27 सीटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में पीएमएल-एन पार्टी द्वारा 24 सीटें पहले ही जीत लिए जाने और आरक्षित सीटों के संभावित बंटवारे के बाद पार्टी आसानी से बहुमत के जादुई आंकड़े को पार करती हुई नजर आ रही है।
हिंसक प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हुए थे चुनाव
आपको बता दें कि यह चुनाव ऐसे हालात में कराए गए थे जब इलाके में भारी हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। इन विरोध प्रदर्शनों की पूरी अगुवाई जॉइंट एक्शन कमेटी (JAAC) नाम के संगठन ने की थी। संगठन ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे कि जुलाई महीने के आखिरी हफ्ते में हुई हिंसा के दौरान कुल 35 लोगों की मौत हुई थी, जिसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारी ही हैं। इन तमाम तरह के विरोध और तनाव के बीच मतदान संपन्न हुआ और अब नतीजे सामने आने के बाद राजनीतिक दलों की हलचल और तेज हो गई है।
अगले हफ्ते होगी विधानसभा की बैठक
सरकार के नुमाइंदों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ठीक अगले सप्ताह विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इसी आने वाले सत्र के दौरान क्षेत्रीय विधानसभा के नए स्पीकर और नए प्रधानमंत्री का चुनाव किया जाएगा। चुनाव के इन परिणामों के आने के बाद अब आम जनता और राजनीतिक जानकारों की निगाहें पूरी तरह से अगले सप्ताह होने वाले इस महत्वपूर्ण विधानसभा सत्र पर टिकी हुई हैं, जहां क्षेत्र की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।