लंदन में भारतीय दूतावास के सामने हुआ प्रदर्शन, अनुच्छेद 370 की बरसी पर फिर उठाया गया कश्मीर का मुद्दा

लंदन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर बुधवार को एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह घटना जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की बरसी के अवसर पर हुई, जिसे प्रदर्शनकारियों ने 'यौम-ए-इस्तेहाल कश्मीर' यानी कश्मीर शोषण दिवस के रूप में संबोधित किया। इस प्रदर्शन में ब्रिटिश-कश्मीरी और पाकिस्तानी समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और दूतावास के सामने नारेबाजी करते हुए कश्मीर के मुद्दे पर अपना पक्ष रखा।
प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ
पाकिस्तान के मीडिया चैनल दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने मौके पर कश्मीर और पाकिस्तान के झंडे लहराए। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने यह दावा किया कि वे कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए अपना प्रयास जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने लंदन स्थित भारतीय दूतावास पर पाकिस्तान विरोधी और कश्मीर विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन पर ध्यान देने की अपील की।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद की स्थिति
भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 को एक ऐतिहासिक फैसले के तहत राष्ट्रपति के आदेश से अनुच्छेद 370 और 35ए के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी कर दिया था। इस बड़े कदम के बाद से जम्मू-कश्मीर के हालातों में काफी सुधार देखा गया है और वहां पहले की तुलना में काफी शांति बनी हुई है। हालांकि, वर्ष 2019 के बाद से ही हर साल 5 अगस्त के आसपास विदेशों में कुछ समूहों द्वारा ऐसे प्रदर्शन प्रायोजित किए जाते हैं।
इन प्रदर्शनों के माध्यम से एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा गया, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति और उसकी आंतरिक नीतियों को प्रभावित करने की एक कोशिश के रूप में देखा जाता है। हिन्दुस्थान समाचार के अनुसार, यह पूरी घटना लंदन के सुरक्षा दायरे में घटित हुई, जहां भारतीय दूतावास के बाहर भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बीच यह प्रदर्शन संपन्न हुआ, जिसमें भारत सरकार के फैसलों को लेकर विरोध जताया गया।