Pune News: पुणे में चर्च के अंदर जबरन धर्मांतरण कराने का मामला आया सामने, ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ केस दर्ज.

महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है जहाँ एक चर्च में प्रवचन के दौरान कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने एक ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे मामले की बहुत ही गहराई से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
क्या है पूरा मामला और आरोपी की पहचान
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना पुणे के गुरुवार पेठ इलाके में स्थित एक चर्च की है। आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र का ही रहने वाला है लेकिन उसके पास इस समय ब्रिटेन की नागरिकता है और वह भारत में नहीं रहता है। पिछले कुछ दिनों से वह पुणे आया हुआ था और घटना से तीन दिन पहले चर्च में आयोजित एक प्रवचन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गया था।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ब्रिटिश नागरिक पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि उसने इन धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान वहाँ मौजूद लोगों को अपना धर्म बदलने के लिए कई तरह के प्रलोभन दिए। जब इस बात की भनक हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को लगी तो वे तुरंत विरोध जताते हुए खड़क पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को इस मामले की लिखित शिकायत दी जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस कर रही है हर पहलू की बारीकी से जांच
खड़क पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम इस मामले की गहन छानबीन में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रवचन के दौरान मंच से वास्तव में क्या शब्द कहे गए थे, क्या किसी भी व्यक्ति का जबरन या बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया गया था या नहीं। इसके साथ ही पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस विदेशी नागरिक के पास भारत में इस तरह की धार्मिक गतिविधियों को आयोजित करने के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति थी या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इन सभी आरोपों की असल स्थिति साफ हो पाएगी।
पुणे में पहले भी दर्ज हो चुके हैं ऐसे मामले
इस मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पुणे पुलिस के स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपायुक्त डॉ. प्रशांत अमृतकर ने बताया कि जब से महाराष्ट्र सरकार ने नए धर्मांतरण विरोधी कानून को मंजूरी दी है, तब से पुणे शहर में इसके तहत अब तक कुल दो मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें से पहला मामला गत 5 अगस्त को फुरसुंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जबकि यह दूसरा मामला 9 अगस्त को खड़क पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है।
फुरसुंगी वाले पहले मामले में शिकायतकर्ता ने यह गंभीर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और उस पर धर्म परिवर्तन करने के लिए भारी दबाव बनाया गया था। पुलिस इन दोनों ही मामलों में बहुत ही संवेदनशीलता और सख्ती के साथ जांच कर रही है और शिकायकर्ताओं द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।