कतर ने की सीरिया पर इसराइली हमलों की कड़ी निंदा, सीरियाई संप्रभुता का उल्लंघन बताया.

कतर के विदेश मंत्रालय ने सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहूर मिलिट्री एयरफ़ील्ड पर मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को हुए इसराइली हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. इस हमले के बाद से कतर ने इसे सीरियाई संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन करार दिया है. मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है. इसराइल की तरफ से की गई इस कार्रवाई से यह साफ पता चलता है कि वह बलपूर्वक अपनी बात मनवाना चाहता है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत ध्यान देना चाहिए और इसराइल को इन बार-बार होने वाले उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
हमले में हुआ भारी नुकसान
यह हवाई हमला मंगलवार तड़के हुआ, जिसमें एयरफ़ील्ड के रनवे और स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाते हुए कुल आठ अलग-अलग हमले किए गए. गनीमत यह रही कि इन हमलों में कोई भी हताहत नहीं हुआ, लेकिन संपत्ति को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है. आपको बता दें कि सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान साल 2012 या 2013 में बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बाद से यह सैन्य अड्डा बंद पड़ा था. हालांकि, साल 2024 के अंत में राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद इस सुविधा को नए सीरियाई सेना के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में फिर से तैयार किया जा रहा था.
क्षेत्रीय तनाव और तुर्की प्रतिनिधिमंडल का दौरा
एयरफ़ील्ड पर रनवे की मरम्मत के काम को शुरू करने के उद्देश्य से हाल ही में एक तुर्की सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने यहां का दौरा किया था, जिसके बाद से तनाव काफी बढ़ गया है. इसराइली सुरक्षा अधिकारियों ने गोलान हाइट्स के संयुक्त राष्ट्र-गश्त वाले बफर जोन में अपनी सैन्य मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है. इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में सीरिया द्वारा अपनी वायु सेना को फिर से मजबूत करने के प्रयासों को भी देखा है, जिसमें पायलटों की भर्ती और इस साल अगस्त की शुरुआत में किए गए उड़ान प्रशिक्षण अभ्यास शामिल हैं. इससे पहले, इसराइली रक्षा मंत्री इस्राइल कात्ज ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन को चेतावनी दी थी कि इसराइल सीरियाई सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने वाले किसी भी विकास को बर्दाश्त नहीं करेगा.
कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय चिंता
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले को एक अनुचित वृद्धि बताते हुए आधिकारिक तौर पर इसकी निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. इस पूरे मामले पर इसराइल डिफेंस फोर्सेस ने टिप्पणी करने से मना कर दिया है, लेकिन सीरिया में अमेरिकी दूत टॉम बराक ने इस कदम को एक 'अनावश्यक वृद्धि' करार दिया है. इससे पहले, तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भी 6 अगस्त को चेतावनी दी थी कि इसराइली आक्रामकता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है और उन्होंने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के लिए इसराइल पर अधिक दबाव बनाने की अपील की थी.