Qatar ने अमरीकी प्रतिबंधों को बताया एकतरफा, ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी से खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता.

Nura Basta25 August 20262 min read64 viewsQatar
Qatar ने अमरीकी प्रतिबंधों को बताया एकतरफा, ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी से खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता.

खाड़ी देश कतर ने अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को एकतरफा करार दिया है और मध्यस्थता जारी रखने की बात कही है। 25 अगस्त 2026 को कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने एक बयान में साफ किया कि कतर मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं। कतर ने यह भी कहा कि ईरान को किसी तीसरे पक्ष के हमलों के बाद अपने पड़ोसी देशों को इस संघर्ष में खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को पूरे क्षेत्र का मुद्दा माना जाना चाहिए।

Operation Economic Outcast और अमरीकी चेतावनी

यह पूरा मामला अमरीकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent द्वारा 24 अगस्त 2026 को की गई एक बड़ी घोषणा के बाद शुरू हुआ। अमरीका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तोड़ने के लिए 'Operation Economic Outcast' नाम से एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इन नए प्रतिबंधों के तहत ईरान के 60 व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन पाबंदियों का सीधा असर ईरान के डिजिटल एसेट्स, तकनीक, सोना, विमानन और शिपिंग सेक्टर पर पड़ रहा है। अमरीकी प्रशासन ने यूएई, हांगकांग, चीन, सिंगापुर और यूरोप की उन कंपनियों और संस्थाओं को भी कड़ी चेतावनी दी है जो ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का काम करती हैं। अमरीका ने साफ कर दिया है कि ऐसे लोगों को अमरीकी डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। अमरीका ने इसे एक चेतावनी शॉट बताया है ताकि देशों को व्यापक सेकेंडरी प्रतिबंध लगने से पहले संभलने का मौका मिल सके।

ईरान का कड़ा रुख और क्षेत्रीय देशों की चिंता

अमरीका के इन कड़े कदमों के बाद ईरानी अधिकारियों ने इन सभी पाबंदियों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इन प्रतिबंधों को अमरीका की सैन्य विफलता की स्वीकारोक्ति बताया है। इसके अलावा ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने कहा कि उनका देश इन सभी उपायों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ Major General Ali Abdollahi ने संकेत दिए हैं कि ईरान इसका जवाब जमीन, समुद्र, हवा या फिर साइबर ऑपरेशन के जरिए दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी दुनिया भर के कई बड़े नेताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि तेहरान के साथ आर्थिक रिश्तों को तोड़ने के लिए समर्थन जुटाया जा सके। इस बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बनता जा रहा है क्योंकि किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का सीधा असर रोजगार और सुरक्षा पर पड़ता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment