Qatar: ईरान के आरोपों पर कतर का बड़ा बयान, पायलटों को बंधक बनाने की बात को बताया पूरी तरह झूठा

Nura Basta15 August 20262 min read46 viewsQatar
Qatar: ईरान के आरोपों पर कतर का बड़ा बयान, पायलटों को बंधक बनाने की बात को बताया पूरी तरह झूठा

कतर की सरकार ने ईरान की तरफ से लगाए गए उन सभी दावों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि दोहा ने उनके तीन फाइटर पायलटों को कैद करके रखा हुआ है। कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Majed Al Ansari ने इन सभी खबरों को गुमराह करने वाला और पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 में हुई एक घटना के बाद से ही कतर ने इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ही अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया था।

मार्च की घटना और कतर का आधिकारिक रुख

यह पूरा विवाद इसी साल मार्च के महीने में तब शुरू हुआ था जब ईरान के कुछ Su-24 जेट विमानों ने कतर के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। उस दौरान कतर की सुरक्षा और खोजबीन टीमों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए अपने देश की सीमा की रक्षा की थी। इस कार्रवाई के दौरान एक पायलट के अवशेष बरामद किए गए थे, जिन्हें औपचारिक और कानूनी तरीकों से वापस भेजने के लिए कतर लगातार प्रयास कर रहा है ताकि उनके परिजनों तक सही सलामत पहुंचाया जा सके।

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ईरान का दावा और रेड क्रॉस से अपील

दूसरी तरफ, ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के जनरल Mohammad Bagherzadeh ने कतर के बयान का खंडन किया है। उनका यह आरोप है कि ईरानी पायलट जिनका नाम Javad Salehi, Abdolmajid Dashtian और Omran Behraveshian है, उन्हें जिंदा पकड़ लिया गया था और पिछले छह महीनों से उन्हें गुप्त रूप से बंधक बनाकर रखा गया है। इस मामले में कड़े कदम उठाते हुए तेहरान ने अब इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड Cross से दखल देने की अपील की है। यह पहला मौका है जब ईरान ने सार्वजनिक रूप से अपने ही किसी पड़ोसी देश पर अपने सैन्य अधिकारियों को हिरासत में रखने का गंभीर आरोप लगाया है।

अधिकारियों की जांच और बढ़ता तनाव

ईरान ने जुलाई के महीने में इस बात की पुष्टि की थी कि अल उदीद एयर बेस पर हुए एक हमले के दौरान उनके एक दूसरे पायलट ब्रिगेडियर जनरल Majid Kazemi की मौत हो गई थी। हालांकि, बाकी बचे हुए एयरमेन की स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कतर का इस मामले में यह भी कहना है कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों को अप्रैल के महीने में ही देश में चल रहे सर्च ऑपरेशन की खुद आकर जांच करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन ईरानी पक्ष की तरफ से उस आमंत्रण पर आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

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