कतर के प्रधानमंत्री ने की हमास की तारीफ, डोनाल्ड ट्रंप के गाज़ा रोडमैप के दूसरे चरण पर बनी सहमति

कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा पेश किए गए गाज़ा रोडमैप के दूसरे चरण को स्वीकार करने के हमास के फैसले की आधिकारिक रूप से सराहना की है। इस बात की पुष्टि Qatari Foreign Ministry द्वारा 19 अगस्त 2026 को की गई, जिसके बारे में आप अधिक जानकारी यहाँ देख सकते हैं। यह कदम हमास के उस ऐलान के बाद उठाया गया है, जो उसने लगभग 16 से 17 अगस्त 2026 के बीच किया था। इस योजना पर सहमति का फैसला काहिरा में मध्यस्थों और गारंटर देशों के साथ हमास के एक प्रतिनिधिमंडल की लंबी बातचीत के बाद लिया गया, जिसका नेतृत्व Khalil al-Hayya ने किया था।
गाज़ा में स्थायी युद्धविराम और इजरायली सेना की वापसी की मांग
हमास ने साफ किया कि इस योजना को स्वीकार करने का मुख्य उद्देश्य फिलिस्तीनी लोगों के हितों की रक्षा करना है, ताकि गाज़ा पट्टी से इजरायली सेना की पूरी तरह से वापसी हो सके और वहां स्थायी युद्धविराम लागू किया जा सके। इसके अलावा, समूह ने शर्म अल-शेख युद्धविराम समझौते में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा निभाई गई भूमिका की भी तारीफ की। हमास का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी और आम जनता को राहत मिलेगी जो लंबे समय से संघर्ष का सामना कर रही है।
इजरायल का विरोध और कतर की प्रतिक्रिया
इन तमाम कोशिशों के बावजूद जमीन पर तनाव अभी भी बहुत ज्यादा बना हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस योजना का लगातार विरोध किया है और साफ कहा है कि जब तक हमास को पूरी तरह से हथियारों से मुक्त नहीं कर दिया जाता, तब तक इजरायली सेना गाज़ा से वापस नहीं जाएगी। इस गतिरोध को सुलझाने के लिए 18 अगस्त 2026 को अमेरिकी दूत Jared Kushner ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और आगे की प्रगति पर चर्चा की, जिसमें एक अमेरिकी जनरल द्वारा प्रस्तावित सत्यापन प्रक्रिया भी शामिल थी।
दूसरी तरफ, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने 18 अगस्त 2026 को यह दोहराया कि दोहा इस युद्धविराम योजना को लागू कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इजरायल के अड़ियल रवैये पर अपनी नाराजगी भी जताई। इससे पहले कतर, जॉर्डन, यूएई, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने 16 अगस्त 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया था, जिसमें इजरायल द्वारा इस रोडमैप को ठुकराए जाने की कड़ी निंदा की गई थी। हमास के नेतृत्व ने इन सभी देशों के इस रुख का स्वागत किया है।