सऊदी अरब और कतर की हाई-लेवल बैठक, क्षेत्रीय स्थिरता और गाजा संकट पर हुई बड़ी चर्चा.

बुधवार, 19 अगस्त 2026 को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमैन बिन जासिम अल थानी आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री इंजीनियर वलीद बिन अब्दुलकरीम अल-खुरािजी ने किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों खाड़ी देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना और क्षेत्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करना था। इस बारे में अधिक जानकारी आप कतर विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा
कतर के प्रधानमंत्री ने रियाद में अपने सऊदी समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर बात की। मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत होना बहुत जरूरी है ताकि क्षेत्रीय मामलों पर एक जैसी राय बनाई जा सके। दोनों देशों ने साफ तौर पर माना कि कतर और सऊदी अरब की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और इसे अलग नहीं किया जा सकता है। इस उच्च स्तरीय बैठक की पूरी कवरेज कतर न्यूज एजेंसी (QNA) पर उपलब्ध है।
गाजा संघर्ष और फिलिस्तीनी मुद्दों पर कड़ा रुख
इन बैठकों में मुख्य रूप से गाजा पट्टी और कब्जाए गए फिलिस्तीनी इलाकों में चल रहे संघर्ष को लेकर बातचीत की गई। दोनों नेताओं ने इजराइल द्वारा संघर्ष को खत्म करने के रोडमैप को ठुकराने की कड़ी निंदा की। यह रोडमैप अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापक योजना से मेल खाता है और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2803 का समर्थन भी प्राप्त है। इसके अलावा, दोनों देशों ने फिलिस्तीन एक अलग देश बनाने के विरोध में इजराइल के रुख को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों पर जोर
मंत्रियों ने तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करने और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही, अरब खाड़ी और लाल सागर में समुद्री नेविगेशन यानी जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी बताया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के लगातार चलता रहे। कतर के विदेश मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है, जिसके लिए साझी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। इस बारे में ताजा अपडेट्स के लिए आप कतर न्यूज एजेंसी के होमपेज पर जा सकते हैं।