रेड क्रॉस की पहल से गाजा पहुंचे 6 फलस्तीनी कैदी, इस्राइल की जेलों से रिहाई के बाद परिवारों से हुई मुलाकात

अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति यानी ICRC ने हाल ही में एक बड़ी मानवीय पहल के तहत 6 फलस्तीनी कैदियों को इस्राइल की जेलों से सुरक्षित बाहर निकालकर दक्षिणी गाजा के खान यूनिस स्थित नासर मेडिकल कॉम्प्लेक्स पहुंचाया। यह पूरी प्रक्रिया 23 अगस्त 2026 को पूरी की गई, जिसमें कैदियों को करम शालोम क्रॉसिंग (जिसे करम अबू सालेम भी कहा जाता है) के रास्ते से ट्रांसफर किया गया। इस पूरी कार्रवाई के बाद लंबे समय से बिछड़े हुए कैदियों की उनके परिवारों से भावनात्मक मुलाकात संभव हो पाई।
फलस्तीनी कैदी मीडिया कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस रिहाई के बाद 'अल-अहरार फ्लड' समझौते की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 714 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया जा चुका है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इन सभी आंकड़ों की पुष्टि की है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय संगठन ICRC ने यह भी जानकारी साझा की कि उसने साल 2023 से लेकर अब तक इसी तरह की व्यवस्था के माध्यम से 2,700 से अधिक कैदियों के ट्रांसफर और उनकी अपने परिजनों से वापसी में मदद पहुंचाई है।
मानवीय कानून के तहत कैदियों के अधिकारों की मांग
रेड क्रॉस संगठन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हवाला देते हुए लगातार यह मांग कर रहा है कि सभी कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें अपने परिवारों से संपर्क करने की पूरी छूट मिलनी चाहिए। इसके बावजूद संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अक्टूबर 2023 के बाद से इस्राइल की हिरासत केंद्रों में बंद कई कैदियों तक उनकी सीधी पहुंच नहीं हो पाई है, जिससे उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस्राइल के अधिकारियों के साथ बातचीत जारी
संगठन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे सभी फलस्तीनी कैदियों से दोबारा मिलने की अनुमति हासिल करने के लिए इस्राइल के अधिकारियों के साथ लगातार और सक्रिय बातचीत कर रहे हैं। ICRC का यह भी कहना है कि कैदियों के परिजनों को उनके भविष्य और मौजूदा ठिकाने के बारे में पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि परिवारों की चिंता कुछ हद तक कम हो सके। इस पूरी रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी के लिए आप QNA News पर जा सकते हैं।