Red Sea Attack: लाल सागर में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, तंजानिया के जहाज पर मिसाइलबारी से 6 लोगों की मौत

लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 13 अगस्त 2026 को एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें लगातार बढ़ रहे हमलों पर चिंता जताई गई। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इस दौरान बताया कि हूती विद्रोहियों ने व्यापारिक जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री अधिकारों को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास तंजानिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'तिहामा' पर हुए घातक मिसाइल हमले के बाद हिंसा और ज्यादा बढ़ गई है, जो 11 अगस्त को हुआ था।
यमन सरकार और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, 'तिहामा' जहाज पर हुए इस हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में 3 पाकिस्तानी नागरिक और 1 इंडोनेशियाई क्रू मेंबर भी शामिल हैं। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और सऊदी तथा यमनी अधिकारियों के साथ मिलकर बातचीत कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, हूती आंदोलन ने अपने सैन्य अभियानों के दायरे को बढ़ाने का ऐलान किया है और सऊदी सैन्य परिवहन जहाजों तथा अंदरूनी इलाकों में ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी ली है।
संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय नेताओं की अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्ष को सुलझाने और समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए तत्काल बातचीत शुरू करने की अपील दोहराई है। कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2826 के तहत जनवरी 2027 तक हूती गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने हूती ताकतों से अपील की है कि वे हिंसा रोकें और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए राष्ट्रीय राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल हों। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार रिपोर्ट कर रहा है।