Riyadh Real Estate: रियाद में सस्ते प्लॉट के लिए आवेदन शुरू, क्रूर प्रिंस के निर्देश पर रियायत दाम पर मिलेगी ज़मीन।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। Royal Commission for Riyadh City (RCRC) ने रियल एस्टेट बैलेंस प्रोग्राम के दूसरे साल के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस शानदार योजना की शुरुआत देश के Crown Prince Mohammed bin Salman के खास निर्देशों के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय रियाद के रियल एस्टेट बाज़ार को स्थिर रखना और आम नागरिकों को किफायती दरों पर ज़मीन मुहैया कराना है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में काफी खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है और लोग तय तारीख का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि वे इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
कब और कैसे कर सकते हैं आवेदन
अधिकारिक घोषणा के अनुसार, रियाद रियल एस्टेट बैलेंस प्रोग्राम के दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया Sunday, August 16, 2026 को दोपहर 3:00 PM बजे से शुरू होगी। जो भी इच्छुक नागरिक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक Real Estate Tawazun प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख September 15, 2026 तय की गई है। इस पूरी योजना के तहत सरकार का लक्ष्य हर साल करीब 10,000 to 40,000 residential plots रियाद के योग्य नागरिकों के बीच वितरित करना है, ताकि हाउसिंग सेक्टर में तेज़ी आए और कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। सबसे खास बात यह है कि इन सभी आवासीय भूखंडों की कीमत मात्र SAR 1,500 per square meter तय की गई है, जो बाज़ार की कीमतों से काफी कम है।
कौन लोग कर सकेंगे आवेदन
इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी और कड़े नियम तय किए हैं। आवेदन करने वाला व्यक्ति या तो शादीशुदा सऊदी नागरिक होना चाहिए या फिर उसकी उम्र कम से कम 25 years होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक पिछले कम से कम 3 consecutive years से रियाद में ही लगातार रह रहा हो और उसके नाम पर वर्तमान में कोई भी दूसरा आवासीय यानी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी नहीं होनी चाहिए। इन सभी मानकों को पूरा करने वाले लोग ही इस योजना के तहत प्लॉट पाने के हकदार माने जाएंगे। वहीं, जिन लोगों ने इस योजना के पहले साल यानी फर्स्ट ईयर में आवेदन किया था, उन्हें दोबारा नया फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें ऑटोमैटिक तरीके से इस दूसरे साल के अप्रूवल ट्रैक में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
ज़मीन के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम
सऊदी सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली ज़मीनों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए बहुत ही सख्त कायदे-कानून बनाए हैं। किसी भी आवंटी को यह अधिकार नहीं होगा कि वह मिलने वाले प्लॉट को अगले 10 years तक बेच सके, किराए पर उठा सके या फिर उस पर किसी तरह का बैंक या अन्य बंधक रख सके। इस नियम का एकमात्र अपवाद केवल अप्रूव्ड कंस्ट्रक्शन फाइनेंस है, यानी यदि मकान बनाने के लिए बैंक से लोन लेना पड़े, तभी अनुमति मिलेगी। यदि कोई भी व्यक्ति इन दस सालों के भीतर उस ज़मीन पर घर या जरूरी निर्माण कार्य पूरा करने में विफल रहता है, तो कमीशन द्वारा उस प्रॉपर्टी को वापस अपने अधिकार में यानी जब्त कर लिया जाएगा।