Russia to India Railway Route: रूस से भारत तक रेल रूट की सुरक्षा करेगी तालिबान सरकार, होर्मुज जलडमरूमध्य के जोखिम से मिलेगी राहत.

रूस से लेकर भारत तक बनने वाले संभावित रेल मार्ग को लेकर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक बड़ा और अहम बयान दिया है। तालिबान सरकार ने रूस को भारत से जोड़ने वाले इस रेल मार्ग की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा पूरी तरह से दिला दिया है। इस बड़ी परियोजना के जरिए क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है जिससे आम लोगों को भी काफी फायदा पहुंचेगा।
अब्दुल रहमान हबीब ने दी बड़ी जानकारी
तालिबान के आर्थिक मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल रहमान हबीब ने रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) को दिए एक साक्षात्कार में इस बात की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान अपनी खास रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण इस बहुत बड़े प्रोजेक्ट में बेहद अहम भूमिका अदा कर सकता है। इस परियोजना के जमीन पर उतरने से देश के अंदर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे जिससे स्थानीय युवाओं को काम मिल सकेगा।
रूस के उप प्रधानमंत्री ने रखा था प्रस्ताव
रूस के उप प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने पिछले हफ्ते ही भारत तक रेल संपर्क विकसित करने का एक नया प्रस्ताव सबके सामने रखा था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री परिवहन से जुड़े तमाम संभावित जोखिमों को कम करना है। इसके साथ ही इसका मकसद रूस को हिंद महासागर तक एक वैकल्पिक पहुंच उपलब्ध कराना भी है ताकि व्यापार में किसी भी तरह की रुकावट न आए।
रूसी नेता खुसनुलिन ने बताया था कि भारत तक पहुंचने के लिए कई अलग-अलग विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। इनमें तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते से होकर गुजरने वाले संभावित रेलमार्ग शामिल हैं। इन सभी रास्तों का आकलन करने के बाद ही किसी एक पर मुहर लगाई जाएगी ताकि माल ढुलाई का काम बिना किसी परेशानी के सुचारू रूप से चल सके।
अफगानिस्तान को मिलेगा आर्थिक लाभ
यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अफगानिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर देश है लेकिन समुद्र तक उसकी सीधी पहुंच बिल्कुल नहीं है। जब भारत और हिंद महासागर के साथ सीधा रेल संपर्क बन जाएगा तो देश को क्षेत्रीय व्यापार और ट्रांजिट से अतिरिक्त आमदनी हासिल करने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस प्रस्तावित रेल लाइन के शुरू हो जाने से माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सीमा पार व्यापार को बहुत बढ़ावा मिलेगा।
साल 2021 में जब से तालिबान ने सत्ता संभाली है, तब से रूस ने अफगानिस्तान के साथ अपने आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को लगातार मजबूत किया है। दोनों पक्षों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर गंभीर बातचीत हो रही है। इसी साल मई के महीने में रूस और तालिबान सरकार के बीच एक सैन्य सहयोग समझौता भी साइन हुआ था।
भारत और रूस के मजबूत व्यापारिक रिश्ते
भारत और रूस के बीच बहुत पुराने और मजबूत रणनीतिक तथा रक्षा संबंध रहे हैं। आज के समय में भारत रूसी कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा और प्रमुख खरीदार भी बन चुका है। समुद्री व्यापार के रास्तों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए दोनों देशों के लिए वैकल्पिक परिवहन मार्गों की जरूरत दिन-प्रतिदिन बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। भारत और रूस ने मिलकर साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का बहुत बड़ा लक्ष्य तय किया है।
इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए रूस, अफगानिस्तान और भारत के बीच यह संभावित रेल कनेक्टिविटी भविष्य में व्यापार और परिवहन के लिए एक बहुत ही मजबूत विकल्प साबित हो सकती है। हालांकि इस पूरे प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, बुनियादी ढांचे के विकास, भारी वित्तीय निवेश और क्षेत्रीय राजनीति की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल यह पूरा प्रस्ताव शुरुआती दौर में ही है और इस पर अभी और बातचीत होना बाकी है।