रूस और ब्रिटेन के बीच बढ़ा तनाव, लंदन में रूसी राजदूत का पद खाली, मॉस्को ने कही यह बड़ी बात.

Nura Basta23 August 20263 min read67 viewsWorld
रूस और ब्रिटेन के बीच बढ़ा तनाव, लंदन में रूसी राजदूत का पद खाली, मॉस्को ने कही यह बड़ी बात.

ब्रिटेन और रूस के बीच जारी राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। रूस ने इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि ब्रिटेन में उसका कोई भी राजदूत फिलहाल पद पर नहीं है। हालांकि, रूसी दूतावास ने उन सभी मीडिया रिपोर्टों को सीरे से खारिज कर दिया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि मॉस्को ब्रिटेन के साथ अपने राजनयिक संबंधों के स्तर को कम करने की किसी प्रकार की कोई तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही रूस ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों में आई भारी गिरावट के लिए सीधे तौर पर लंदन की नीतियों को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है।

क्यो खाली हुआ राजदूत का पद

रूसी दूतावास की तरफ से यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के सामने आने के बाद जारी किया गया है, जिनमें यह बताया गया था कि ब्रिटेन में रूस के राजदूत के रूप में सेवा दे रहे आंद्रेई केलिन का राजनयिक कार्यकाल पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद अब तक रूस सरकार की तरफ से किसी भी नए प्रतिनिधि के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले सात वर्षों से अधिक के लंबे समय तक ब्रिटेन में रूस के राजदूत के तौर पर अपनी सेवाएं देने वाले केलिन ने बीते 21 जुलाई को अपना पद आधिकारिक रूप से छोड़ दिया था। उनकी जगह पर अब नया राजदूत कब नियुक्त किया जाएगा, इस बारे में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

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रूसी दूतावास का आधिकारिक बयान

रूसी दूतावास ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि आंद्रेई केलिन के कार्यकाल के समाप्त होने का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं निकाला जाना चाहिए कि रूस दोनों देशों के बीच के राजनयिक संबंधों को औपचारिक रूप से कम या खत्म कर रहा है। रूस का यह भी गंभीर आरोप है कि अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में रूस और ब्रिटेन के आपसी संबंध इस समय अभूतपूर्व रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं और इस स्थिति के लिए पूरी तरह से ब्रिटेन की सरकार और उसकी नीतियां ही जिम्मेदार हैं। दूसरी तरफ, ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले को रूस के विदेश मंत्रालय का अंदरूनी विषय बताया है। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय का यह कहना है कि उसका अपना राजदूत और दूतावास मॉस्को में मौजूद है, जिसके माध्यम से वह रूसी सरकार के सामने अपने सभी जरूरी मुद्दे और चिंताएं लगातार मजबूती के साथ रखता रहेगा।

यूक्रेन युद्ध को लेकर गहराया तनाव

ब्रिटेन और रूस के बीच तनाव की मुख्य वजह यूक्रेन का मुद्दा है। ब्रिटेन लगातार यूक्रेन के प्रति अपने पूर्ण समर्थन को दोहराता रहा है और उसने साफ किया है कि वह रूस के खिलाफ चल रहे इस युद्ध में पूरी ताकत से कीव के साथ खड़ा है। यूक्रेन के इस चल रहे युद्ध की वजह से दोनों देशों के बीच आपसी दूरियां और कड़वाहट पहले से ही बहुत अधिक गहरी हो चुकी है। रूस ने हाल ही में ब्रिटेन को एक कड़ी चेतावनी भी जारी की थी कि यदि यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता और हथियारों के जरिए रूस की मुख्य सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के हमले जारी रखे गए, तो लंदन को इसकी बहुत बड़ी “कीमत” चुकानी पड़ सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिटेन साल 2022 में रूस के द्वारा यूक्रेन पर किए गए पूर्ण पैमाने के हमले के बाद से लगातार कीव के सबसे प्रमुख और बड़े समर्थकों में शामिल रहा है। इसी बीच, यूक्रेन की सेना ने भी रूस की सीमा के भीतर अपने लंबी दूरी के हमलों को काफी ज्यादा तेज कर दिया है, जबकि रूस की तरफ से भी लगातार यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी तेजी लाई गई है।

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