रूस-यूक्रेन युद्ध तेज़: रातभर हुए हमलों में 7 लोगों की मौत और 21 घायल, कई शहरों में भारी नुकसान.

Nura Basta14 August 20265 min read63 viewsWorld
रूस-यूक्रेन युद्ध तेज़: रातभर हुए हमलों में 7 लोगों की मौत और 21 घायल, कई शहरों में भारी नुकसान.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण संघर्ष में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच रातभर चले ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और 21 लोग घायल हुए हैं। इस बात की जानकारी दोनों देशों के आधिकारिक अधिकारियों द्वारा दी गई है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने रूसी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यूक्रेन ने रातभर में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। वहीं दूसरी तरफ, यूक्रेन ने भी रूस पर कई प्रमुख शहरों में मिसाइल और ड्रोन बरसाने का गंभीर आरोप लगाया है। युद्ध के इस नए दौर में आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा है।

वोरोनिश क्षेत्र में गोदामों में लगी भीषण आग

रूस के वोरोनिश क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने मीडिया को बताया कि आसमान में मार गिराए गए ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। इस हमले के बाद नोवोउस्मान्स्की जिले में एक बड़ी कंपनी द्वारा चलाए जा रहे दो बड़े गोदामों में भीषण आग भड़क उठी। गवर्नर गुसेव के मुताबिक, पहले गोदाम में लगी आग करीब 16,000 वर्ग मीटर और दूसरे गोदाम में करीब 20,000 वर्ग मीटर के बड़े इलाके में फैल गई थी। आसमान से गिरे ड्रोन के मलबे की वजह से तीन ट्रक और एक कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी सामने आई है कि ये गोदाम रूस की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्र थे। कंपनी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत अपने केंद्रों को खाली करवाया और बाद में जानकारी दी कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है जिससे सामान को बहुत ज्यादा नुकसान होने से बचा लिया गया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित केंद्रों से डिलीवरी का काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया था और सारा सामान सुरक्षित रूप से दूसरे लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर भेज दिया गया है।

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रूसी रक्षा मंत्रालय और यूक्रेन के दावे

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कड़ा दावा करते हुए कहा कि उसकी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों ने रूस और क्रीमिया के ऊपर कुल 396 यूक्रेनी ड्रोन सफलता के साथ हवा में ही मार गिराए। मंत्रालय ने यह भी बताया कि रूसी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कीव में नोवा पोश्ता टर्मिनल, एक लॉजिस्टिक्स केंद्र और ज़ापोरिज्जिया में स्थित एक स्टील प्लांट को अपने सटीक निशानों से तबाह किया। रूस का आरोप है कि यूक्रेनी सेना इन सभी ठिकानों का इस्तेमाल लगातार अपनी सैन्य आपूर्ति और साजो-सामान की गतिविधियों के लिए कर रही थी। दूसरी ओर, ओरेनबर्ग क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी सोल्त्सेव ने पुष्टि की कि एक स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरने से आग लग गई थी, हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है।

ज़ापोरिज्जिया और कीव में भारी तबाही

यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र के गवर्नर इवान फेडोरोव ने बताया कि उनके शहर पर रूसी सेना ने मिसाइलों और निर्देशित हवाई बमों से मिलकर एक बहुत बड़ा संयुक्त हमला किया। इस दर्दनाक हमले में छह लोगों की जान चली गई और 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि हमले की वजह से चार बड़ी अपार्टमेंट इमारतें और कई गैर-आवासीय परिसर मलबे में तब्दील हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुलकर आरोप लगाया कि रूस ने इन हमलों में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों, जिरकॉन मिसाइलों और खतरनाक निर्देशित हवाई बमों का खुलकर इस्तेमाल किया है। उनके मुताबिक इन हमलों ने देश के नागरिक बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार राजधानी कीव में हुए मिसाइल हमलों से एक संक्रामक रोग अस्पताल और कई बड़े कारोबारी प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा खेरसॉन और खार्किव शहरों में बिजली सब-स्टेशनों को निशाना बनाए जाने के बाद वहां की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। डोनेट्स्क, निप्रॉपेट्रोव्स्क और मायकोलाइव जैसे क्षेत्रों में भी पूरी रात लगातार बमबारी होने की सूचना मिली है।

वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बनाया जा रहा है निशाना

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने अकेले इस बार यूक्रेन पर 120 से अधिक ड्रोन दागे, जिनमें से ज्यादातर ईरान में बने हुए ‘शहेद’ ड्रोन शामिल थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे रूस पर अपना दबाव और ज्यादा बढ़ाएं क्योंकि रूस इस युद्ध को और अधिक खतरनाक स्तर पर ले जाने की पूरी तैयारी कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन ने रूस के भीतर मौजूद वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक्स केंद्रों को अपना मुख्य निशाना बनाने का अभियान तेज कर दिया है। यह विशेष अभियान जुलाई महीने के मध्य में शुरू किया गया था जो अब फैलते हुए रूस के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। बीते 18 जुलाई से शुरू हुए इन यूक्रेनी ड्रोन हमलों में अब तक वाइल्डबेरीज के 15 से अधिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाए जाने की पुख्ता जानकारी सामने आ चुकी है। इन प्रभावित केंद्रों में मॉस्को, ताम्बोव, लेनिनग्राद, क्रास्नोडार, वोल्गोग्राड और स्टावरोपोल क्षेत्रों के साथ-साथ क्रीमिया क्षेत्र के केंद्र भी शामिल बताए गए हैं। कीव का यह साफ आरोप है कि वाइल्डबेरीज के इन लॉजिस्टिक्स केंद्रों का इस्तेमाल परोक्ष रूप से रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है, जबकि मॉस्को और कंपनी दोनों का यही कहना है कि ये सभी केंद्र पूरी तरह से नागरिक और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए ही बनाए गए हैं।

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