यूक्रेन पर रूस का सबसे घातक हमला, कीव में मची तबाही, 17 लोगों की मौत और दर्जनों घायल

यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों में बीती रात रूस की ओर से किए गए भीषण हमलों ने आम जनजीवन को पूरी तरह से दहला दिया है। इन हमलों में अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक दर्जन से अधिक आम नागरिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यूक्रेन की वायु सेना ने जानकारी दी है कि रूस ने रातभर में कुल 24 बैलिस्टिक मिसाइलें और चार एंटी-शिप मिसाइलें दागीं। इस बार यूक्रेन की डिफेंस प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही, जो देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
सैन्य उपकरणों की भारी कमी से जूझ रहा यूक्रेन
यूक्रेन के सैन्य सूत्रों ने यह स्वीकार किया है कि देश के पास मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार खतरनाक स्तर तक कम हो गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक संदेश के जरिए सहयोगियों से मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश को पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के लिए अमेरिका में बने इंटरसेप्टर की तत्काल जरूरत है। यह अकेला ऐसा डिफेंस सिस्टम है जो रूस की एडवांस्ड बैलिस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराने की क्षमता रखता है।
जुलाई का महीना रहा सबसे खतरनाक
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई का महीना यूक्रेन के नागरिकों के लिए बीते वर्षों में सबसे घातक साबित हुआ है। एक ही महीने में 377 नागरिकों ने अपनी जान गंवाई और 2,129 लोग घायल हुए। अप्रैल 2022 के बाद से जनहानि का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। जानकारों का मानना है कि रूस का यह ताजा हमला ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज पर यूक्रेन द्वारा किए गए हालिया हमलों का जवाब हो सकता है, क्योंकि यूक्रेन ने रूस के कई गोदामों को निशाना बनाया था।
रिहायशी और औद्योगिक इलाकों को बनाया निशाना
रूसी हमलों ने मुख्य रूप से आम नागरिकों के कारोबार से जुड़े वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को अपना लक्ष्य बनाया। जेलेंस्की ने बताया कि हमले में बीयर बनाने की फैक्टरी, हार्डवेयर स्टोर के गोदाम, एक रेलवे स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। यूक्रेन की आपात सेवा के बचावकर्मी लगातार जोखिम भरी परिस्थितियों में काम कर रहे हैं क्योंकि रूसी हमलों का खतरा अभी भी बरकरार है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने इन हमलों में सटीक-निर्देशित हथियारों और लंबी दूरी तक मार करने वाले स्ट्राइक ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इस युद्ध ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जहां आम नागरिकों के बुनियादी ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रख सकते हैं।