Russia Ukraine War: रूस ने कीव और जापोरोजे पर किए खतरनाक हमले, यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में भी मचा हड़कंप.

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब और भी ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने 11 अगस्त को बड़ा दावा किया कि उनकी सेना ने यूक्रेन के सैन्य, लॉजिस्टिक्स और रक्षा उद्योग से जुड़े ठिकानों पर रातभर में कई बड़े हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से कीव और ज़ापोरोज़े शहरों में भारी नुकसान हुआ है और आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस भीषण युद्ध के दौरान दोनों तरफ से लगातार एक-दूसरे के इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
रूस के निशाने पर थे कीव और जापोरोजे के यह ठिकाने
रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (RT) के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में जमीन से मार करने वाले घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। रूसी सेना ने खास तौर पर कीव में नोवा पोश्ता टर्मिनल और कीव-3 ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया। रूस का ऐसा आरोप है कि नोवा पोश्ता के स्वचालित सॉर्टिंग परिसर का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों तरह के सामान रखने और बांटने के लिए किया जाता था। इनमें लंबी और मध्यम दूरी के ड्रोन के पार्ट्स, रोबोटिक सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के उपकरण शामिल थे।
इसके अलावा, रूसी मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि कीव-3 लॉजिस्टिक्स सेंटर के अंदर करीब 15,000 एफपीवी स्ट्राइक ड्रोन, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दूसरे कई उपकरण रखे हुए थे। इनमें से कुछ ड्रोन थर्मल इमेजिंग कैमरों से लैस बताए गए हैं। रूस ने ज़ापोरोज़े शहर में स्थित ज़ापोरोज़स्टाल स्टील प्लांट पर भी हमला करने की बात कही है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि इस प्लांट का इस्तेमाल फ्लैट-रोल्ड स्टील बनाने के लिए होता है, जिसका उपयोग बॉडी आर्मर, किलेबंदी और सैन्य वाहनों की प्लेटिंग में किया जाता है। साथ ही, इस प्लांट पर भारी बख्तरबंद वाहनों के लिए एंटी-ड्रोन स्क्रीन लगाने का काम भी किया जा रहा था।
यूक्रेन की तरफ से हुआ भारी नुकसान और जवाबी कार्रवाई
यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने रातभर हुए इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि राजधानी कीव पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया। शेवचेंकोव्स्की जिले में स्थित एक गोदाम में भयानक आग लग गई थी, जिस पर बाद में दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। वहीं, ज़ापोरोज़े के स्थानीय प्रशासन ने जानकारी दी कि उनके इलाके पर रॉकेट और निर्देशित हवाई बमों से मिलकर हमला किया गया। इस संयुक्त हमले में कई गैर-रिहायशी इमारतें और घर तबाह हो गए, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 52 लोग घायल हो गए।
दूसरी तरफ, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन ने भी रूस के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन से हमले किए। रूस की वायु रक्षा प्रणालियों ने देश के 15 क्षेत्रों में कुल 396 यूक्रेनी ड्रोन को हवा में ही रोक दिया। मास्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि राजधानी की तरफ बढ़ रहे 237 ड्रोन का पता लगाया गया था, जिनमें से ज्यादातर को शहर से बहुत दूर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि 13 ड्रोन को बिल्कुल पास आने पर मार गिराया गया।
वोरोनिश में गोदामों में लगी आग और ई-कॉमर्स कंपनी का बयान
वोरोनिश के गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने मीडिया को बताया कि ड्रोन हमलों के कारण एक बड़ी कंपनी के दो गोदामों में भीषण आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने की वजह से 49 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। हालांकि गवर्नर ने कंपनी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरीज ने अपनी यूनिट में आग लगने और अपने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि उनके सामान को इस हादसे में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है।
यूक्रेन पिछले कई महीनों से लगातार रूस के अंदरूनी हिस्सों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले करता आ रहा है। इन हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कई बार रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचता है। इसके जवाब में रूस लगातार यूक्रेन के डिफेंस सेक्टर और सैन्य गोदामों को तबाह कर रहा है। मास्को का हमेशा से यह कहना रहा है कि उनके हमले केवल सैन्य ठिकानों पर केंद्रित होते हैं और वे जानबूझकर किसी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। हालांकि, युद्ध के मैदान से सामने आने वाले इन दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी तरह पुष्टि करना हर बार संभव नहीं हो पाता है।